दतिया विधायक राजेंद्र भारती को 3 साल की जेल: बैंक धोखाधड़ी मामले में दिल्ली की विशेष अदालत का फैसला
संवाददाता
3 April 2026
अपडेटेड: 4:45 PM 0rdGMT+0530
3 अप्रैल 2026
दतिया:
दतिया विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली की एक विशेष एमपी-एमएलए (MP-MLA) अदालत ने उन्हें बैंक से धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश रचने के पुराने मामले में तीन साल की कड़ी सजा सुनाई है। अदालत के इस फैसले के बाद भारती की विधानसभा सदस्यता पर भी खतरे के बादल मंडराने लगे हैं।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला काफी पुराना है, जो साल 1998 से 2011 के बीच का बताया जा रहा है। यह मामला राजेंद्र भारती की मां सावित्री देवी श्याम के नाम पर वर्ष 1998 में बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट में जालसाजी धोखाधड़ी आपराधिक विश्वास घात और आपराधिक षडयंत्र का हैl
राजेंद्र भारती पर आरोप था कि उन्होंने बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के नाम पर धोखाधड़ी की और बैंक को लाखों रुपये का चूना लगाने के लिए आपराधिक साजिश रची।
जांच के बाद अदालत ने पाया कि उन्होंने कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर बैंक को धोखा देने के उद्देश्य से कागजों में हेरफेर किया था।
इस मामले में भारती के साथ ही बैंक कर्मचारी रघुवीर शरण प्रजापति को भी दोषी मानते हुए तीन साल की सजा सुनाई गई है।
अदालत का फैसला और राहत
दिल्ली की विशेष अदालत ने बुधवार को राजेंद्र भारती को दोषी करार दिया था, जिसके बाद उन्हें तिहाड़ जेल भेज दिया गया था। हालांकि, गुरुवार को सजा सुनाने के बाद उन्हें कुछ राहत भी मिली:
अदालत ने भारती को 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी है।
उन्हें इस फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत (हाई कोर्ट) में अपील करने के लिए 60 दिनों का समय दिया गया है।
कानून के जानकारों के अनुसार, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के तहत अगर किसी विधायक या सांसद को 2 साल या उससे ज्यादा की सजा मिलती है, तो उनकी सदस्यता रद्द की जा सकती है।
राजेंद्र भारती को 3 साल की सजा मिली है, जिसका मतलब है कि उनकी विधायकी जा सकती है।
अब उनकी नजरें हाई कोर्ट पर टिकी हैं। अगर हाई कोर्ट उनकी सजा पर रोक लगा देता है, तभी उनकी सदस्यता बच पाएगी।
राजनीतिक गलियारों में हलचल
राजेंद्र भारती दतिया की राजनीति का एक बड़ा चेहरा हैं। उन्होंने साल 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के दिग्गज नेता और पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को हराया था। इससे पहले 2008 में भी वे नरोत्तम मिश्रा को शिकस्त दे चुके हैं। सजा की खबर आने के बाद भारती ने इसे राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता का परिणाम बताया है।