25 मई 2026
दमोह:
जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले फुटेरा वार्ड नंबर तीन में उस समय अचानक हड़कंप मच गया, जब एक सरकारी शिक्षक के पैतृक मकान के पुनर्निर्माण का काम चल रहा था। इस दौरान जमीन में दबे प्राचीन सिक्कों का एक बड़ा जखीरा बाहर निकल आया। मकान के पिलर के लिए गड्ढा खोद रहे मजदूरों को मिट्टी के भीतर अचानक एक चमकता हुआ कलश और धातु की कुछ अन्य वस्तुएं दिखाई दीं। जब मजदूरों ने इन्हें नजदीक से देखा तो पता चला कि ये ब्रिटिश काल के शुद्ध चांदी के सिक्के हैं।
मकान मालिक की नीयत डोली, मजदूरों को दिए सिर्फ 500 रुपये
खुदाई कर रहे मजदूरों का आरोप है कि जैसे ही जमीन से यह खजाना मिला, मकान मालिक ने सारा माल तुरंत एक बड़ी बाल्टी में भरकर घर के भीतर छुपा दिया। इसके बाद मकान मालिक ने खुदाई करने वाले मजदूरों को उनका हिस्सा देने के बजाय महज 500 रुपये का एक नोट थमाया और उन्हें डांट-फटकार कर वहां से भगा दिया।
18वीं और 19वीं शताब्दी के हैं बरामद सिक्के
मजदूरों की सूचना पर हरकत में आई पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और अब तक 42 चांदी के सिक्के जब्त कर जांच शुरू कर दी है। पुरातत्व विभाग के शुरुआती निरीक्षण और जांच के अनुसार, बरामद किए गए ये सभी सिक्के 18वीं और 19वीं शताब्दी के बताए जा रहे हैं। इन प्राचीन सिक्कों पर ब्रिटिश साम्राज्य की महारानी विक्टोरिया और जॉर्ज पंचम की आकृतियां साफ देखी जा सकती हैं।
दावों में जमीन आसमान का अंतर
इस पूरे मामले में मजदूरों और मकान मालिक के बयानों में बहुत बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। खुदाई करने वाले मजदूरों का साफ कहना है कि शुरुआत में उन्हें एक पीतल का कलश मिला था, जिसमें पहले एक सिक्का दिखा था। लेकिन जब उन्होंने और गहराई तक खुदाई की, तो उस कलश के अंदर चांदी के अनगिनत सिक्के भरे हुए मिले। फिलहाल पुलिस ने सिक्के जब्त कर मामले की पूरी सचाई पता लगाने के लिए आगे की जांच शुरू कर दी है।


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