दूषित पानी से हुई मौतों के बाद भागीरथपुरा में बोरिंग के पानी में भी जानलेवा बैक्टीरिया:

khabar pradhan

संवाददाता

8 January 2026

अपडेटेड: 4:13 PM 0thGMT+0530

इंदौर के भागीरथपुरा इलाके से एक बेहद गंभीर और चिंताजनक खबर सामने आ रही है ।यहां बोरिंग के पानी में फीकल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया पाए गए हैं, जो हैजा, टाइफॉइड और हेपेटाइटिस-ए जैसी जानलेवा बीमारियों का कारण बन सकता है । स्वास्थ्य विभाग की जांच में सामने आया है कि लिए गए 60 पानी के सैंपल में से 35 सैंपल पूरी तरह फेल हो गए हैं। . हैरानी की बात यह है कि वार्ड के बीजेपी पार्षद कमल वाघेला का बोरिंग भी दूषित पाया गया है।‌ अब तक दूषित पानी पीने से 20 लोगों की मौत हो चुकी है। 9 मरीज अभी भी आईसीयू में भर्ती हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार कुल 437 मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिनमें से 381 मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया गया है। फिलहाल 56 मरीज इलाजरत हैं. । बुधवार को जब भागीरथपुरा चौकी के पास बनी पानी की टंकी का वॉल खोला गया, तो एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ। जहां दो दिन पहले ड्रेनेज लाइन का पाइप डाला गया था, वहीं से पानी बाहर आने लगा । कुछ ही देर में ड्रेनेज के लिए खोदे गए गड्ढे में भी पानी भर गया, जिससे ड्रेनेज और पानी की लाइनों के आपसी कनेक्शन की आशंका और मजबूत हो गई। हालांकि प्रशासन ने नर्मदा लाइन से आने वाले पानी के इस्तेमाल पर पहले ही रोक लगा दी है और क्षेत्र में मुनादी कराकर लोगों को इस पानी का उपयोग न करने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल इलाके में डर का माहौल है। लोग पानी को छानकर और उबालकर पीने को मजबूर हैं। स्वास्थ्य विभाग लगातार अपील कर रहा है कि उबला हुआ पानी ही इस्तेमाल करें।

टिप्पणियां (0)