देवेंद्र यादव ने अनुपम खेर और सीएम रेखा गुप्ता के टॉक शो को क्यों ठहराया ‘फ्लॉप’?
संवाददाता
1 June 2025
अपडेटेड: 7:53 AM 0stGMT+0530
भारतीय राजनीति में तीखे बयानों और सियासी तंज का दौर कोई नई बात नहीं है। लेकिन जब बात मशहूर अभिनेता अनुपम खेर और एक मुख्यमंत्री के टॉक शो की हो, तो मामला और भी दिलचस्प हो जाता है। हाल ही में भोपाल के एक चर्चित कार्यक्रम में अनुपम खेर और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की बातचीत को लेकर विपक्षी नेता देवेंद्र यादव ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने इस टॉक शो को ‘फ्लॉप शो’ करार देते हुए सत्ताधारी पार्टी पर निशाना साधा और कई गंभीर आरोप लगाए। आइए, इस सियासी ड्रामे के पीछे की कहानी को गहराई से समझते हैं।
‘फ्लॉप शो’ का तमगा: क्या है माजरा?
देवेंद्र यादव, जो विपक्षी दल के एक प्रमुख चेहरा हैं, ने अनुपम खेर और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के टॉक शो को न केवल नाकाम बताया, बल्कि इसे सत्ताधारी पार्टी की ‘नाकामी का प्रचार’ करार दिया। भोपाल में आयोजित इस कार्यक्रम में अनुपम खेर ने मुख्यमंत्री के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की थी, जिसमें राज्य सरकार की उपलब्धियां, विकास योजनाएं और भविष्य की रणनीतियां शामिल थीं। लेकिन यादव का कहना है कि यह आयोजन जनता को प्रभावित करने में पूरी तरह विफल रहा। उन्होंने इसे ‘खर्चीला तमाशा’ बताते हुए दावा किया कि यह जनता के असल मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश थी।
सियासत में सितारे: अनुपम खेर का रोल
अनुपम खेर, जो बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता होने के साथ-साथ सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपनी बेबाक राय के लिए जाने जाते हैं, इस टॉक शो में एक मॉडरेटर की भूमिका में थे। उनकी छवि एक ऐसे शख्स की रही है, जो कला और समाज को जोड़ने का प्रयास करते हैं। लेकिन इस बार उनके इस आयोजन को विपक्ष ने सत्ताधारी पार्टी के प्रचार का हिस्सा करार दिया। यादव ने तंज कसते हुए कहा कि सत्ताधारी पार्टी ने अनुपम खेर जैसे मशहूर चेहरों का इस्तेमाल अपनी ‘नाकामियों को छिपाने’ के लिए किया, लेकिन जनता ने इसे नकार दिया।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर निशाना
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, जो अपनी सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने के लिए इस टॉक शो में शामिल हुई थीं, भी यादव के निशाने पर रहीं। यादव ने दावा किया कि यह टॉक शो जनता के असल सवालों को दरकिनार करने की कोशिश थी। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी, महंगाई और राज्य में बढ़ते अपराध जैसे ज्वलंत मुद्दों पर कोई चर्चा नहीं हुई। इसके बजाय, यह आयोजन केवल सरकार की छवि चमकाने का एक प्रयास था, जो जनता की नजरों में पूरी तरह ‘फ्लॉप’ साबित हुआ।
‘BJP ने अपनी नाकामी छिपाने की कोशिश की’
देवेंद्र यादव ने अपने बयान में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह टॉक शो ‘सरकारी खर्चे पर प्रचार’ का एक उदाहरण था, जिसमें जनता का पैसा बर्बाद किया गया। यादव के मुताबिक, बीजेपी ने अनुपम खेर जैसे लोकप्रिय चेहरों को सामने रखकर जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश की, लेकिन लोग अब इन ‘नौटंकियों’ को समझ चुके हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार असल मुद्दों से बचने के लिए इस तरह के आयोजनों का सहारा ले रही है।
जनता की प्रतिक्रिया: हकीकत या हंगामा?
इस टॉक शो को लेकर जनता की प्रतिक्रिया भी मिली-जुली रही है। जहां कुछ लोगों ने इसे एक सकारात्मक पहल माना, जिसमें मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की नीतियों को जनता तक पहुंचाने की कोशिश की, वहीं कई लोगों ने यादव के बयान का समर्थन किया। सोशल मीडिया पर इस आयोजन को लेकर तीखी बहस छिड़ी, जिसमें कुछ यूजर्स ने इसे ‘प्रचार का नया तरीका’ बताया, तो कुछ ने इसे एक खुला संवाद मानकर सराहा। लेकिन यादव के बयान ने इस आयोजन को और विवादास्पद बना दिया, जिससे सियासी माहौल और गर्म हो गया।
सियासत और सितारों का संगम
यह पहली बार नहीं है जब बॉलीवुड और राजनीति का मेल विवादों में आया हो। अनुपम खेर जैसे सितारे पहले भी अपनी राय और सामाजिक गतिविधियों के चलते चर्चा में रहे हैं। लेकिन इस बार उनके टॉक शो को सत्ताधारी पार्टी से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसने विपक्ष को हमला करने का मौका दिया। यादव के बयान ने इस आयोजन को एक सियासी रंग दे दिया, जिससे यह सवाल उठता है कि क्या वाकई यह टॉक शो जनता के लिए था, या केवल एक प्रचार का हिस्सा?
सियासत में संवाद या संग्राम?
देवेंद्र यादव का यह बयान न केवल इस टॉक शो को लेकर सवाल उठाता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि भारतीय राजनीति में संवाद और प्रचार के बीच की रेखा कितनी पतली है। एक तरफ सरकार अपनी उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने के लिए ऐसे आयोजनों का सहारा ले रही है, तो दूसरी तरफ विपक्ष इसे प्रचार का हथकंडा बता रहा है। इस सियासी जंग में जनता की राय क्या होगी, यह आने वाला समय बताएगा। लेकिन इतना तय है कि इस तरह के बयान और विवाद राजनीति को और रोचक बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे।
सियासत का रंगमंच
देवेंद्र यादव का अनुपम खेर और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के टॉक शो को ‘फ्लॉप शो’ बताना न केवल एक सियासी तंज है, बल्कि यह आज की राजनीति की हकीकत को भी उजागर करता है। जहां एक तरफ सरकार अपनी छवि चमकाने के लिए नए-नए तरीके अपना रही है, वहीं विपक्ष हर मौके को भुनाने में पीछे नहीं है। इस पूरे घटनाक्रम ने न केवल सियासी गलियारों में हलचल मचाई है, बल्कि जनता के बीच भी बहस को जन्म दिया है। आखिर यह टॉक शो वाकई एक फ्लॉप शो था, या यह विपक्ष की सियासी चाल का हिस्सा है? इसका जवाब शायद समय ही देगा।