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26 मई 2026

धार:

धारभोजशाला में बनेगा ‘सरस्वती लोक’ और ‘भोज शोध संस्थान’
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को धार जिले के दौरे पर रहे, जहाँ उन्होंने ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल भोजशाला पहुंचकर मां वाग्देवी की पूजा-अर्चना की और एक बड़े प्रोजेक्ट की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि धार की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को एक नई दिशा दी जाएगी। इसके लिए भोजशाला क्षेत्र के विकास के लिए ‘सरस्वती लोक’ का निर्माण किया जाएगा और यहाँ ‘भोज शोध संस्थान’ भी स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि वर्ष 2026 की बसंत पंचमी के बाद धार का इतिहास पूरी तरह बदलने वाला है। अपने इस दौरे के दौरान उन्होंने जिले में 88.4 करोड़ रुपये की लागत के 12 विकास कार्यों का भूमिपूजन भी किया।

भोजशाला आंदोलन के शहीदों के परिवारों को मिलेगी आर्थिक मदद
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जल संवर्धन कार्यक्रम में शामिल होने से पहले विशेष रूप से भोजशाला मंदिर पहुंचे। पूजा-अर्चना करने के बाद उन्होंने एक अत्यंत संवेदनशील और बड़ा फैसला लेते हुए भोजशाला आंदोलन में शहीद हुए तीन लोगों के परिवारों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि देने की घोषणा की। कार्यक्रम के दौरान इन संघर्षरत शहीदों के परिजनों को मंच पर आमंत्रित कर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने उन्हें मां वाग्देवी का स्वरूप भेंट किया और शॉल-श्रीफल से सम्मानित किया।
इन सम्मानित परिजनों में शहीद बनासिंह जी की धर्मपत्नी श्रीमती सगुबाई अराड़िया (निवासी अमझेरा), शहीद अंतरसिंह जी की धर्मपत्नी श्रीमती गुलाबबाई (निवासी टांडा) तथा शहीद लक्ष्मण सिंह जी के पिता सालम बाबा (निवासी ओसारी, पंचघाटी) शामिल रहे। इस अवसर पर केंद्रीय राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर, नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और विधायक नीना वर्मा सहित कई प्रमुख जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

सनातन चेतना का महान केंद्र है भोजशाला
पूजा-अर्चना के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि धार जिला स्थित भोजशाला राजा भोज के काल से ही शिक्षा, कला, साहित्य और सनातन चेतना का एक महान विश्वविद्यालय रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भोजशाला सिर्फ पत्थरों का कोई ढांचा या कोई साधारण स्मारक नहीं है, बल्कि यह हमारी सदियों पुरानी जीवंत संस्कृति, विद्वता और करोड़ों श्रद्धालुओं की अटूट श्रद्धा का अनमोल प्रतीक है। मां वाग्देवी की विशेष कृपा से यह पूरी भूमि हमेशा से ही ज्ञान के प्रकाश से आलोकित रही है और सरकार इसे फिर से वही पुराना गौरव दिलाएगी।

खिलाड़ियों का बढ़ाया उत्साह और जल स्रोतों के संरक्षण पर जोर
अपने प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने ताइक्वांडो के नन्हे और युवा खिलाड़ियों से भी विशेष मुलाकात की। खेल पोशाक में उपस्थित इन छात्र-छात्राओं के खेल कौशल की सराहना करते हुए सीएम ने उनके उज्जवल भविष्य के लिए आशीर्वाद दिया और उनका उत्साहवर्धन किया। इसके साथ ही उन्होंने पर्यावरण और पानी के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश सरकार सभी पारंपरिक जल स्रोतों, कुओं, बावड़ियों और तालाबों को पुनर्जीवित करने के लिए पूरी गंभीरता से काम कर रही है। हमारी धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरें इन जल स्रोतों से बहुत गहराई से जुड़ी हुई हैं, इसलिए इनका संरक्षण बेहद जरूरी है।


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