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14 अप्रैल 2026

नोएडा:

दिल्ली से सटे नोएडा में सोमवार को वेतन वृद्धि (Salary Hike) की मांग को लेकर शुरू हुआ प्रदर्शन अचानक हिंसक हो गया। औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले मजदूरों ने सड़क पर उतरकर जमकर उत्पात मचाया। इस हंगामे में न केवल सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान पहुँचा, बल्कि कई लोग घायल भी हुए हैं।

क्या है पूरा मामला?
नोएडा के तीन प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में मजदूर काफी समय से अपनी सैलरी बढ़ाने की मांग कर रहे थे। सोमवार को यह गुस्सा फूट पड़ा और प्रदर्शनकारियों ने हिंसक रूप अख्तियार कर लिया।
उपद्रवियों ने करीब 500 से ज्यादा फैक्ट्रियों और शोरूम में घुसकर तोड़फोड़ की।
सेक्टर-63 में स्थित मारुति सुजुकी के शोरूम में घुसकर 35 से ज्यादा गाड़ियां तोड़ दी गईं और 6 उनमें से जला दी गईं। कुल मिलाकर पूरे शहर में 20 से ज्यादा वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया।

स्थिति को नियंत्रित करने पहुंची पुलिस पर भी भीड़ ने पथराव किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की तीन गाड़ियों को पलट दिया और उनमें आग लगा दी।

भारी नुकसान और घायल
इस हिंसा में भारी जान-माल का नुकसान हुआ है:
1.उद्यमियों का अनुमान है कि फैक्ट्रियों और संपत्तियों में हुई तोड़फोड़ से करीब 3,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
2.इस झड़प में 10 पुलिसकर्मियों समेत लगभग 30 लोग घायल हुए हैं।
3.पुलिस ने अब तक 60 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है और सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डालने वाले 50 से ज्यादा अकाउंट्स की पहचान की गई है।

प्रशासन की कार्रवाई और स्थिति
शहर के कई हिस्सों, खासकर नोएडा, गाजियाबाद और दिल्ली को जोड़ने वाले रास्तों पर करीब 9 घंटे तक जाम लगा रहा। महिलाओं ने भी इस मोर्चे में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उपद्रवियों ने एक केमिकल फैक्ट्री में भी आग लगाने की कोशिश की थी, लेकिन दमकल विभाग और पुलिस ने समय रहते उसे बचा लिया।

सरकार का कदम:
राज्य सरकार ने मामले को शांत करने के लिए चार सदस्यों की एक ‘उच्चाधिकार प्राप्त समिति’ बनाई है जो मजदूरों से बातचीत करेगी। वहीं, डीजीपी का कहना है कि इस माहौल को बिगाड़ने में बाहरी लोगों का हाथ हो सकता है, जिसकी जांच एसटीएफ (STF) द्वारा की जा रही है।
वर्तमान में स्थिति को काबू में करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात है और उपद्रवियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।


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