15 अप्रैल 2026

नोएडा;
नोएडा में हाल ही में हुए श्रमिक आंदोलन और हिंसा के पीछे बाहरी तत्वों का बड़ा हाथ सामने आया है। सरकार द्वारा गठित हाई पावर कमेटी की शुरुआती जांच में यह संकेत मिले हैं कि प्रदेश की औद्योगिक रफ्तार को रोकने के लिए जानबूझकर माहौल बिगाड़ा गया। पुलिस और इंटेलिजेंस टीमें अब इस बड़ी साजिश के हर पहलू की गहराई से जांच कर रही हैं।

अब तक की बड़ी कार्रवाई
हिंसा और पत्थरबाजी की घटनाओं के बाद पुलिस ने चौतरफा कार्रवाई शुरू कर दी है:
अब तक 400 से ज्यादा संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। इनमें से 100 से अधिक लोगों को मंगलवार को फेज-2 और अन्य इलाकों में हुए पथराव के बाद पकड़ा गया।
इंटरनेट मीडिया पर भड़काऊ वीडियो पोस्ट करने और हिंसा फैलाने के आरोप में सात अलग-अलग थानों में केस दर्ज किए गए हैं।
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के अनुसार, दो संगठनों के अराजक तत्वों के खिलाफ ठोस सबूत मिले हैं। दोषियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (रासुका) के तहत कार्रवाई की जाएगी।

इंटरनेट मीडिया का गलत इस्तेमाल
जांच में सामने आया है कि कुछ संगठित गिरोहों ने इंटरनेट मीडिया के जरिए श्रमिकों को उकसाया। कांग्रेस के इंटरनेट मीडिया समन्वयक मीर इलियास समेत दो लोगों पर इस मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है। हालांकि, जांच अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अभी तक इस हिंसा का शाहीन बाग या पाकिस्तान से कोई सीधा कनेक्शन नहीं मिला है।

नोएडा के इन इलाकों में रहा तनाव
मंगलवार की सुबह नोएडा के कई हिस्सों में भारी हंगामा देखा गया:
सेक्टर-121 में क्लियो काउंटी सोसाइटी की घरेलू सहायिकाओं ने जमकर प्रदर्शन किया।
सेक्टर-74 में केपटाउन सोसाइटी के सुरक्षा और सफाई कर्मियों ने गेट बंद कर नारेबाजी और पत्थरबाजी की।
नजदीकी गांव में सुबह करीब 6 बजे 300-400 लोगों की भीड़ ने पुलिस पर पथराव कर दिया, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा।

चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बल तैनात
नोएडा की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने शहर को छावनी में बदल दिया है।
36 संवेदनशील स्थानों की पहचान की गई है, जहाँ 12 जिलों की पुलिस और अर्धसैनिक बलों के 6,000 जवान तैनात हैं।
फेज-2 और होजरी कॉम्प्लेक्स जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में पुलिस सुबह 5 बजे से ही फ्लैग मार्च कर रही है।
पुलिस कमिश्नर ने सभी श्रमिकों से शांति बनाए रखने और वापस काम पर लौटने की अपील की है। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि जो श्रमिक शांतिपूर्ण तरीके से काम पर लौटेंगे, उन्हें पूरी सुरक्षा प्रदान की जाएगी। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है लेकिन तनाव को देखते हुए पुलिस अभी भी अलर्ट मोड पर है।