न्यूयॉर्क सिटी के मेयर जोहरान ममदानी ने उमर खालिद के लिए लिखा भावुक नोट
संवाददाता
2 January 2026
अपडेटेड: 4:30 PM 0thGMT+0530
न्यूयॉर्क सिटी के मेयर जोहरान ममदानी ने उमर खालिद के साथ दिखाई नजदीकियां:
लिखा भावुक नोट: अमेरिकी सांसदों ने भी किया समर्थन:
कौन है उमर खालिद:
दिल्ली दंगों से जुड़े मामलों में एक ऐसा छात्र नेता जो 2020 से जेल में बंद है जिसका नाम है उमर खालिद।
जेएनयू के पूर्व PHD के छात्र हैं जिन पर सितंबर 2020 में दिल्ली में हुए दंगों में शामिल होने और साजिश के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। जबकि दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें आरोपों से मुक्त कर दिया है किंतुUPA के अंतर्गत एक अन्य मामले में अब भी वे हिरासत में है। पिछले 5 सालों में उनकी यात्रा कई बार खारिज हो चुकी हैं जिसमें दिसंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला इस मामले में सुरक्षित रखा हुआ है।
उमर खालिद का नाम सबसे पहले जेएनयू के पूर्व छात्र रहे कन्हैया कुमार के साथ फरवरी 2016 में सामने आया था इसके बाद कई अन्य मामले में और कुछ विवादित बयानों की वजह से उमर खली लगातार सुर्खियों में रहे
उमर खालिद का कहना है मीडिया में उनकी छवि नकारात्मक रूप से पेश की गई । जिससे वह लोगों की नफरत का शिकार बन रहे हैं।
बुहरान वानी की अंतिम यात्रा के समय भारी भीड़ उमड़ चुकी थी। इसके बाद उमर खालिद ने फेसबुक पर बुहरान वानी की तारीफ में एक पोस्ट लिखी थी। जिस पर काफी आलोचना मिली। इस आलोचना के बाद उमर खालिद ने फेसबुक से संबंधित पोस्ट हटा ली,किंतु सोशल मीडिया में उमर खालिद का विरोध शुरू हो गया था,जबकि कई लोगों के समर्थन में भी थे।
…अब इसे लेकर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है।
इस बार वजह बना है न्यूयॉर्क सिटी के मेयर जोहरान ममदानी का हाथ से लिखा एक निजी पत्र, जिसमें ममदानी उमर खालिद के साथ खड़े नजर आ रहे हैं । .
न्यूयार्क का मेयर भारत के एक सजायाफ्ता कैदी के साथ भला क्यूं नजर आ रहे हैं….वो भी निजी पत्र लिखकर वे खालिद के विचारों से सहमति जताई है… ये पत्र दिसंबर 2025 में अमेरिकी यात्रा पर गए उमर खालिद के माता-पिता को सौंपा गया था, जिसे अब सार्वजनिक किया गया है। दिल्ली में 2020 में हुए दंगों की साजिश रचने के आरोपों में जेल में बंद उमर खालिद के लिए अमेरिकी सांसदों ने आवाज उठाई है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक हाल ही में 8 अमेरिकी डेमोक्रेटिक सांसदों ने इस सिलसिले में वॉशिंगटन में भारत के राजदूत को एक चिट्ठी भी लिखी है… इस चिट्ठी में एक्टिविस्ट उमर खालिद के लिए जमानत और निष्पक्ष ट्रायल की मांग की है…. इससे पहले बीते गुरुवार को न्यूयॉर्क के मेयर के… जेएनयू का पूर्व छात्र नेता उमर खालिद, जो पिछले करीब 5 सालों से तिहाड़ जेल में बंद हैं, उसे अब समर्थन मिला है अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर के नए मेयर जोहरान ममदानी का…
न्यूयॉर्क जैसी ग्लोबल सिटी के मेयर बने जोहरान ममदानी ने उमर खालिद के नाम एक इमोशनल पत्र लिखा है…इसकी खास बात ये है कि ये पत्र उसी दिन सामने आया, जिस दिन ममदानी ने न्यूयॉर्क के मेयर के तौर पर शपथ ली थी…आपको बता दें कि जोहरान ममदानी भारतीय मूल के हैं और इतिहास रचते हुए न्यूयॉर्क के पहले मुस्लिम मेयर बने हैं… शपथ ग्रहण के दिन लिखा गया ये पत्र अब सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है… ये पत्र हाथ से लिखा गया है और इसे उमर खालिद की पार्टनर बनी ज्योत्सना लाहिरी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किया है…पत्र में तारीख नहीं है, लेकिन इसके शब्द और इसकी भाषा बेहद भावुक हैं…ममदानी ने पत्र में लिखा कि वे उमर खालिद के विचारों, संघर्ष और मानसिक मजबूती को लगातार याद करते हैं…उन्होंने ये भी लिखा कि उन्हें उमर के माता-पिता से मिलकर बहुत अच्छा लगा और वे सभी उमर को लेकर सोचते रहते हैं…ममदानी ने पत्र में उमर खालिद की उस सोच का ज़िक्र किया है, जिसमें उमर ने नफरत और कड़वाहट के खिलाफ खड़े रहने की बात कही थी। ममदानी ने लिखा कि इतने लंबे समय तक जेल में रहने के बावजूद उमर का मानसिक संतुलन और उम्मीद बनाए रखना अपने आप में एक बड़ी प्रेरणा है…अब पत्र में लिखे शब्दो में अलग ही भाईचारा झलक रहा है…लेकिन गौर करने वाली बात ये है कि क्या ये पत्र सिर्फ एक व्यक्तिगत संदेश है या फिर भारत के खिलाफ एक ग्लोबल साजिश…क्योंकि ऐसा देखा जाता है कि जब भी विदेशी लॉबी वालों को अपना कोई खास हीरो लॉन्च करना होता है…तो सबसे पहले वो ऐसे ही माहौल बनाते हैं… अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उमर खालिद के समर्थन के कई संकेत माने जा रहे हैं…ये पहली बार नहीं है जब जोहरान ममदानी ने उमर खालिद का समर्थन किया हो…जून 2023 में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा से पहले न्यूयॉर्क में आयोजित एक कार्यक्रम में ममदानी ने उमर खालिद के जेल से लिखे गए पत्र के कुछ पार्टस् को सार्वजनिक रूप से पढ़ा था…उस वक्त ममदानी न्यूयॉर्क स्टेट असेंबली के सदस्य थे और उन्होंने खुले मंच से उमर खालिद की हिरासत पर सवाल उठाए थे…उमर खालिद के मामले में इससे पहले भी अंतरराष्ट्रीय दबाव देखने को मिल चुका है…करीब 8 अमेरिकी सांसदों ने वॉशिंगटन में स्थित भारतीय राजदूत को पत्र लिखकर उमर खालिद को जमानत देने और निष्पक्ष सुनवाई की मांग की थी…इन सांसदों में कई प्रमुख डेमोक्रेट पार्टी के नेता शामिल थे, जिसने इस मामले को वैश्विक मंच पर और चर्चा में ला दिया…
उमर खालिद पर लगे आरोपों की…दरअसल,38 साल उमर खालिद को सितंबर 2020 में गिरफ्तार किया गया था…उन पर भारतीय दंड संहिता और UAPA जैसे सख्त कानूनों के तहत गंभीर आरोप लगाए गए हैं…अब तक उन्हें नियमित जमानत नहीं मिली है… हाल ही में बहन की शादी में शामिल होने के लिए उन्हें सीमित समय के लिए अंतरिम जमानत दी गई थी, जिसमें बोलने, मीडिया से बातचीत और सोशल मीडिया इस्तेमाल पर सख्त पाबंदियां थीं…न्यूयॉर्क के नए मेयर ने ये पत्र लिखकर एक बार फिर उमर खालिद को सुर्खियों में ला दिया है…. और ऐसे में मामला अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों है…हालांकी सोचने वाली बात ये है कि भारत के अंदरूनी मामले में ममदानी को बोलने का क्या राइट बनता है…वो भी तिहाड़ में 5 साल से बंद उमर खालिद के लिए ….देखा जाए तो ये कहीं से जायज नहीं है…क्या मेयर ममदानी ने जलते हुए दीपूदास के लिए कोई पत्र लिखा …. संवेदना के दो शब्द नहीं लिखे… सोचिए भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश में हो रहे हिंदूओं पर जिस तरह से अत्याचार हो रहा है…दुनिया सवाल उठा रही है…लेकिन कई देश ऐसे हैं जो चुप्पी साधे हुए हैं…..और अब उमर खालिद के लिए ममदानी का LETTER …क्या इसके पीछे भी कोई बड़ी साजिश है….क्या कहीं भारत में अशांती फैलाने का कोई षड्यंत्र तो नहीं…आपको क्या लगता है न्यूयार्क का मेयर भारत की जेल में 5 साल से बंद उमर खालिद के लिए भावुक पत्र क्यों लिखेगा….