पशुपति पारस ने तोड़ा NDA से नाता

khabar pradhan

संवाददाता

14 April 2025

अपडेटेड: 1:42 PM 0thGMT+0530

RLJP अकेले लड़ेगी बिहार चुनाव, नीतीश कुमार पर साधा निशाना

राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (RLJP) के अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस ने 14 अप्रैल 2025 को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) से अलग होने का ऐलान कर दिया। उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर जमकर निशाना साधा और कहा कि उनकी पार्टी 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में अकेले सभी 243 सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी। यह घोषणा बिहार की सियासत में बड़े बदलाव का संकेत दे रही है।
NDA से क्यों हुई दूरी?
पारस ने पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, “हम 2014 से NDA के साथ थे और पूरी निष्ठा से गठबंधन में रहे। लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में हमें कोई सीट नहीं दी गई। हमारी पार्टी के साथ अन्याय हुआ है।” उन्होंने नीतीश कुमार पर गठबंधन में धोखा देने का आरोप लगाया और कहा कि उनकी सरकार ने बिहार के विकास के लिए कुछ नहीं किया।
नीतीश पर तीखा हमला
पारस ने नीतीश कुमार की कार्यशैली और नीतियों की आलोचना करते हुए कहा, “नीतीश जी केवल अपनी कुर्सी बचाने में लगे हैं। बिहार में बेरोजगारी, गरीबी और अपराध बढ़ा है, लेकिन सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ता।” उन्होंने यह भी दावा किया कि नीतीश की अगुवाई में NDA बिहार में कमजोर हो रहा है।
RLJP का भविष्य
पारस ने स्पष्ट किया कि RLJP अब स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ेगी और बिहार की जनता के लिए काम करेगी। उन्होंने कहा, “हमारी पार्टी राम विलास पासवान जी के विचारों को आगे बढ़ाएगी और दलित, पिछड़े वर्गों के साथ-साथ सभी समुदायों के हितों के लिए लड़ेगी।” हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि क्या वह किसी अन्य गठबंधन, जैसे विपक्षी INDIA ब्लॉक, के साथ बातचीत करेंगे।
सियासी समीकरण पर असर
पारस का NDA से अलग होना बिहार की राजनीति में नए समीकरण बना सकता है। उनकी पार्टी भले ही छोटी हो, लेकिन दलित और पासवान समुदाय में इसका प्रभाव है। इससे NDA, खासकर चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) और नीतीश की JDU को कुछ सीटों पर नुकसान हो सकता है। दूसरी ओर, विपक्षी दलों, खासकर RJD, ने पहले ही पारस के साथ नजदीकी दिखाई है, जिससे भविष्य में गठबंधन की संभावना बढ़ सकती है।
पृष्ठभूमि
पारस और उनके भतीजे चिराग पासवान के बीच लंबे समय से तनातनी रही है। 2021 में लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के विभाजन के बाद पारस ने RLJP बनाई थी। 2024 के लोकसभा चुनाव में NDA ने चिराग की पार्टी को पांच सीटें दीं, लेकिन RLJP को कुछ नहीं मिला, जिसके बाद पारस ने केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था।
बिहार में 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले यह घटनाक्रम NDA के लिए चुनौती बन सकता है, वहीं विपक्ष के लिए नए अवसर खोल सकता है।

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