22 मई 2026
कोलकाता:
पश्चिम बंगाल से एक बेहद बड़ी और महत्वपूर्ण खबर सामने आ रही है। राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा विभाग के तहत आने वाले सभी मदरसों में वंदे मातरम् गाना अनिवार्य (जरूरी) कर दिया है। सरकार की तरफ से जारी किए गए आधिकारिक आदेश के अनुसार, यह नया नियम राज्य के सभी सरकारी मॉडल मदरसों, सरकारी सहायता प्राप्त मदरसों और बिना सहायता प्राप्त (प्राइवेट) मदरसों पर तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
सुबह की प्रार्थना सभा में शामिल होगा राष्ट्रगीत
इस नए आदेश के लागू होने के बाद, अब मदरसों में नियमित क्लासेस शुरू होने से पहले होने वाली सुबह की प्रार्थना सभा (मॉर्निंग असेंबली) में वंदे मातरम् गाना बेहद जरूरी होगा। इससे पहले तक राज्य के मदरसों में सुबह की प्रार्थना के दौरान राष्ट्रगान जन गण मन और मशहूर कवि गुलाम मुस्तफा का बांग्ला गीत अनंत असीम प्रेममय तुमी गाया जाता था। लेकिन अब इस सूची में राष्ट्रगीत वंदे मातरम् को भी शामिल कर लिया गया है। सरकार ने साफ किया है कि सभी मदरसों को इस आदेश को अपने यहाँ लागू करना होगा और इसकी एक रिपोर्ट भी संबंधित विभाग को सौंपनी होगी।
सीएए लागू होने और सुरक्षा को लेकर भी बड़े फैसले
इसके साथ ही राज्य में नागरिकता संशोधन कानून यानी सीएए को लेकर भी अहम बातें सामने आई हैं। जानकारी के अनुसार, सीएए के दायरे में आने वाले 7 समुदायों और 31 दिसंबर 2024 तक भारत आए लोगों को इस नागरिकता कानून का पूरा लाभ दिया जाएगा। ऐसे लोगों को पुलिस हिरासत में नहीं ले सकेगी। यह भी स्पष्ट किया गया है कि जो लोग सीएए के तय नियमों और दायरे में नहीं आते हैं, उन्हें अवैध घुसपैठिया माना जाएगा।
बॉर्डर सुरक्षा के लिए बीएसएफ को सौंपी जमीन
देश की सुरक्षा और सीमा पर चौकसी को मजबूत करने के लिए भी एक बड़ा फैसला लिया गया है। भारत और बांग्लादेश बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा करने के लिए फेंसिंग (बाड़ लगाने) का काम तेज किया जाएगा। इसके लिए बॉर्डर से लगी हुई 27 किलोमीटर लंबी जमीन सीमा सुरक्षा बल यानी बीएसएफ को सौंप दी गई है, ताकि वहां जल्द से जल्द फेंसिंग का काम पूरा किया जा सके और घुसपैठ पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।


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