पहलगाम हमले पर विवाद
संवाददाता
3 May 2025
अपडेटेड: 11:23 AM 0rdGMT+0530
फारूक का लोकल सपोर्ट का दावा, महबूबा ने जताई आपत्ति
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इस हमले में स्थानीय लोगों का समर्थन जरूर रहा होगा, क्योंकि बिना लोकल सपोर्ट के इतना बड़ा हमला संभव नहीं है। फारूक ने यह भी दावा किया कि हमले के हैंडलर पाकिस्तान में हैं और इससे पहले उड़ी, पुलवामा, पठानकोट, पुंछ और मुंबई जैसे हमलों में भी यही पैटर्न देखा गया। उनके इस बयान ने सियासी हलचल मचा दी है।फारूक के बयान पर पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि इस तरह का बयान कश्मीरियों के लिए खतरा बन सकता है और इससे पूरे समुदाय को संदेह के घेरे में लाया जा सकता है। महबूबा ने सवाल उठाया कि अगर लोकल सपोर्ट था, तो आतंकी पहलगाम तक कैसे पहुंचे और इतने बड़े स्तर पर हमला करने में कामयाब कैसे हुए। उन्होंने सरकार से इस मामले की गहन जांच की मांग की।खुफिया एजेंसियों के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, हमले में शामिल दो स्थानीय लोगों, मोहम्मद आदिल और मोहम्मद आसिफ, ने आतंकियों की रेकी में मदद की थी। एनआईए सूत्रों ने बताया कि हमले का मास्टरमाइंड लश्कर-ए-तैयबा की शाखा द रेसिस्टेंस फ्रंट का टॉप कमांडर फारुख अहमद है, जो वर्तमान में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में छिपा है। इस हमले के बाद भारत ने कड़े कदम उठाए हैं। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 75 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, और 87 में से 48 पर्यटन स्थलों को बंद कर दिया गया है। इसके अलावा, पाकिस्तान से आयात पर पूर्ण प्रतिबंध और पाकिस्तानी जहाजों के भारतीय बंदरगाहों में प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। सीमा पर 2,000 बीएसएफ जवान तैनात किए गए हैं, और इंडस वाटर्स संधि को निलंबित कर दिया गया है। यह घटनाक्रम क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा रहा है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने हमले की निंदा की है और भारत-पाकिस्तान से संयम बरतने की अपील की है।