Share

11 June 2026

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) को पूर्वोत्तर में एक और बड़ा झटका लगा है. असम में टीएमसी का प्रमुख चेहरा और राज्यसभा सांसद रहीं सुष्मिता देव ने बुधवार को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. इस इस्तीफे के तुरंत बाद उन्होंने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से मुलाकात की है, जिसके बाद से यह कयास लगाए जा रहे हैं कि वह जल्द ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो सकती हैं.

टीएमसी से इस्तीफा देने वाली दूसरी राज्यसभा सांसद
सुष्मिता देव तृणमूल कांग्रेस से इस्तीफा देने वाली दूसरी राज्यसभा सदस्य बन गई हैं. इनसे पहले 8 जून को पार्टी के वरिष्ठ नेता सुखेंदु शेखर राय ने भी राज्यसभा की सदस्यता और तृणमूल कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था. एक के बाद एक बड़े नेताओं के पार्टी छोड़ने से टीएमसी के भीतर बगावत के सुर तेज होते दिख रहे हैं.

बंगाल चुनाव के नतीजों से प्रेरित है फैसला
सुष्मिता देव ने दावा किया है कि उनका यह फैसला राज्य में हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में पश्चिम बंगाल की जनता के फैसले को स्वीकार करने की उनकी इच्छा से प्रेरित है. सूत्रों के अनुसार, सुष्मिता देव की राजनीतिक जड़ें असम और कांग्रेस से गहराई से जुड़ी हुई हैं. उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि इस इस्तीफे के बाद अब उनका मुख्य फोकस असम में ही रहकर काम करने पर रहेगा.

पार्टी में अलग गुट बनाने की भी चल रही है चर्चा
कोलकाता राज्य ब्यूरो से मिली जानकारी के मुताबिक, ममता बनर्जी की करीबी मानी जाने वाली और लोकसभा सदस्य सयानी घोष का नाम भी उन 20 सांसदों की सूची में शामिल होने की चर्चा है, जिन्होंने लोकसभा में एक अलग गुट के तौर पर मान्यता देने की मांग की है. सुष्मिता देव के टीएमसी से अलग होने के बाद अब पार्टी के लिए पूर्वोत्तर और खासकर असम में अपने पैर पसारने की योजनाओं को एक बड़ा धक्का लगा है.


Share