प्रियंका चोपड़ा का अनकहा संघर्ष….

khabar pradhan

संवाददाता

29 May 2025

अपडेटेड: 10:01 AM 0thGMT+0530

प्रियंका चोपड़ा का अनकहा संघर्ष….

प्रियंका चोपड़ा का अनकहा संघर्ष:

पिता की कैंसर की जंग के बीच चमकीं सिल्वर स्क्रीन पर

प्रियंका चोपड़ा, एक नाम जो आज दुनियाभर में बॉलीवुड और हॉलीवुड का पर्याय बन चुका है। उनकी जिंदगी की चमक और ग्लैमर के पीछे की कहानियां अक्सर सुर्खियां बनती हैं, लेकिन कुछ पल ऐसे भी हैं जो उनकी मजबूती और हिम्मत को बयां करते हैं। ऐसा ही एक दौर था जब प्रियंका अपने पिता की कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझने के दर्द के बीच एक महत्वपूर्ण फिल्म की शूटिंग में व्यस्त थीं। यह कहानी न केवल उनकी प्रोफेशनल कमिटमेंट को दर्शाती है, बल्कि उनके निजी जीवन के उस दर्द को भी सामने लाती है, जिसे उन्होंने चुपचाप सहा और दुनिया को अपनी मुस्कान से चकाचौंध कर दिया।

जिंदगी का सबसे मुश्किल मोड़

प्रियंका चोपड़ा का जीवन हमेशा से ही प्रेरणादायक रहा है। मिस वर्ल्ड का ताज पहनने से लेकर हॉलीवुड में अपनी पहचान बनाने तक, उन्होंने हर कदम पर मेहनत और लगन का परिचय दिया। लेकिन उनकी जिंदगी का सबसे मुश्किल वक्त तब आया जब उनके पिता, डॉ. अशोक चोपड़ा, को कैंसर का पता चला। यह वह दौर था जब प्रियंका अपनी करियर की एक अहम फिल्म, फैशन की शूटिंग कर रही थीं। यह फिल्म उनके लिए केवल एक प्रोजेक्ट नहीं थी, बल्कि एक ऐसा मंच था जिसने उन्हें एक अभिनेत्री के तौर पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। लेकिन इस सफलता के पीछे की कहानी उतनी आसान नहीं थी।
पिता के कैंसर के इलाज के दौरान प्रियंका का दिल टूट रहा था। उनके पिता उनके सबसे बड़े सपोर्टर थे, जिन्होंने हमेशा उनके सपनों को पंख दिए। इस मुश्किल घड़ी में प्रियंका को न केवल अपने परिवार के लिए मजबूत रहना था, बल्कि अपनी प्रोफेशनल जिम्मेदारियों को भी निभाना था। उनकी यह जंग निजी और पेशेवर जिंदगी के बीच एक अनकहा संतुलन थी, जिसे उन्होंने बखूबी निभाया।

सेट पर मुस्कान, दिल में तूफान

फिल्म फैशन की शूटिंग के दौरान प्रियंका के को-स्टार अर्जन बाजवा ने उनके इस संघर्ष को करीब से देखा। उन्होंने बताया कि प्रियंका ने कभी अपने दर्द को अपने काम पर हावी नहीं होने दिया। सेट पर वह हमेशा प्रोफेशनल थीं, अपनी लाइनों को परफेक्शन के साथ बोलती थीं और अपने किरदार में पूरी तरह डूब जाती थीं। लेकिन शूटिंग के बाद, जब कैमरे बंद हो जाते थे, तब वह अपने पिता की सेहत को लेकर चिंतित रहती थीं। अर्जन ने यह भी साझा किया कि प्रियंका ने न केवल अपने दुख को छिपाया, बल्कि सेट पर अपने सह-कलाकारों का भी हौसला बढ़ाया।

प्रियंका की इस हिम्मत की तारीफ करते हुए अर्जन ने कहा कि वह कभी कमजोर नहीं दिखीं। उनके इस दृढ़ संकल्प ने न केवल उनके को-स्टार्स को प्रभावित किया, बल्कि पूरी यूनिट को एकजुट रखा। यह वही दौर था जब प्रियंका ने अपने अभिनय से दर्शकों का दिल जीता और फैशन जैसी फिल्म के जरिए अपनी एक्टिंग का लोहा मनवाया।

पिता के साथ अनमोल रिश्ता

प्रियंका और उनके पिता के बीच का रिश्ता बेहद खास था। डॉ. अशोक चोपड़ा न केवल उनके पिता थे, बल्कि उनके मेंटर और दोस्त भी थे। प्रियंका ने कई मौकों पर बताया कि उनके पिता ने उन्हें हमेशा अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित किया। जब उनके पिता को कैंसर का पता चला, तब प्रियंका ने उनके इलाज के लिए हर संभव कोशिश की। वह अपने व्यस्त शेड्यूल से समय निकालकर उनके साथ वक्त बिताती थीं, लेकिन अपने काम को भी नहीं छोड़ा।

यह वह समय था जब प्रियंका को अपने करियर और परिवार के बीच संतुलन बनाना था। फैशन जैसी फिल्म, जिसमें उन्होंने एक मॉडल से सुपरमॉडल बनने की कहानी को जीवंत किया, उनके लिए केवल एक रोल नहीं था। यह उनके जीवन का एक हिस्सा बन गया था, जो उनकी मेहनत और जज्बे को दर्शाता था।

काम और जज्बात का संगम

फैशन फिल्म में प्रियंका का किरदार मेघना माथुर एक ऐसी लड़की का था, जो छोटे शहर से निकलकर मॉडलिंग की दुनिया में अपनी जगह बनाती है। इस किरदार में प्रियंका ने अपनी पूरी जान डाल दी। शायद इसलिए क्योंकि वह खुद भी उस वक्त एक जंग लड़ रही थीं। सेट पर उनकी मेहनत और डेडिकेशन ने निर्देशक मधुर भंडारकर को भी प्रभावित किया। मधुर ने कई इंटरव्यूज में बताया कि प्रियंका ने इस किरदार को इतनी गहराई से निभाया कि हर सीन में उनकी मेहनत साफ झलकती थी।

प्रियंका की यह खासियत थी कि वह अपने निजी दुख को कभी अपने काम पर हावी नहीं होने देती थीं। वह सेट पर पहुंचते ही अपने किरदार में ढल जाती थीं और अपने दर्द को पीछे छोड़ देती थीं। यह उनकी प्रोफेशनलिज्म और मानसिक मजबूती का सबूत था।

प्रेरणा का स्रोत

प्रियंका चोपड़ा की यह कहानी न केवल उनके फैंस के लिए, बल्कि हर उस इंसान के लिए प्रेरणा है जो जिंदगी में मुश्किलों का सामना कर रहा है। अपने पिता की बीमारी के दौरान भी उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने न केवल अपने परिवार का साथ दिया, बल्कि अपने करियर को भी नई ऊंचाइयों तक ले गईं। फैशन के लिए उन्हें नेशनल अवॉर्ड मिला, जो उनकी मेहनत और टैलेंट का सबूत है।

आज प्रियंका एक ग्लोबल स्टार हैं, लेकिन उनकी यह कहानी हमें याद दिलाती है कि सफलता के पीछे कई अनकही कहानियां होती हैं। प्रियंका ने अपने दर्द को अपनी ताकत बनाया और दुनिया को दिखाया कि हिम्मत और मेहनत से हर मुश्किल को पार किया जा सकता है।

आज भी जिंदा है उनकी प्रेरणा

प्रियंका की यह कहानी हमें सिखाती है कि जिंदगी में मुश्किलें आती हैं, लेकिन उन्हें चुपचाप सहने और आगे बढ़ने की हिम्मत ही हमें अलग बनाती है। उनके पिता की बीमारी के दौरान उनकी मजबूती और उनके काम के प्रति समर्पण आज भी लोगों के लिए मिसाल है। प्रियंका चोपड़ा न केवल एक अभिनेत्री हैं, बल्कि एक ऐसी शख्सियत हैं जो अपनी जिंदगी से दूसरों को प्रेरित करती हैं।

टिप्पणियां (0)