8 मई 2026
कोलकाता:

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बहुत बड़ा मोड़ आया है। पिछले दो दिनों से जारी राजनीतिक और कानूनी खींचतान के बाद, राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस ने गुरुवार रात को एक बड़ा कदम उठाते हुए विधानसभा को भंग कर दिया। यह फैसला तब लिया गया जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव परिणामों के बाद भी अपने पद से इस्तीफा देने से साफ इनकार कर दिया।
क्यों भंग हुई विधानसभा
संवैधानिक जानकारों के मुताबिक, जब मुख्यमंत्री हार के बावजूद पद छोड़ने को तैयार नहीं हुईं, तो राज्यपाल ने अपनी शक्तियों का इस्तेमाल किया। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 174 (2) (बी) के तहत वर्तमान 17वीं विधानसभा को भंग करने की घोषणा कर दी। सरकारी गजट में इसकी जानकारी दे दी गई है, जिसका मतलब है कि अब पुरानी सरकार का कार्यकाल आधिकारिक रूप से खत्म हो चुका है।
नई सरकार के गठन की तैयारी
विधानसभा भंग होने के साथ ही अब बंगाल में नई सरकार बनने का रास्ता साफ हो गया है। सूत्रों के अनुसार, बंगाल में भाजपा अब बहुमत के साथ सत्ता संभालने की तैयारी में है। जानकारी मिल रही है कि 9 मई को रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती के मौके पर कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में नए मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण समारोह हो सकता है। फिलहाल अगले कुछ घंटे बंगाल की राजनीति के लिए बहुत अहम माने जा रहे हैं।
चंद्रनाथ हत्याकांड का खौफनाक सच: महज 50 सेकंड में उतार दिया मौत के घाट, सीसीटीवी से हुए खुलासे
पश्चिम बंगाल के मध्यमग्राम में भाजपा नेता के करीबी चंद्रनाथ की हत्या के मामले में रोंगटे खड़े कर देने वाली जानकारी सामने आई है। सीसीटीवी फुटेज की जांच से पता चला है कि शूटरों ने पूरी वारदात को सिर्फ 50 सेकंड के अंदर अंजाम दिया। हमलावरों ने चंद्रनाथ पर बहुत करीब से 10 गोलियां दागीं, जिससे उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला।
पूरी प्लानिंग के साथ हुई हत्या
पुलिस को शक है कि यह एक सोची-समझी साजिश थी। चश्मदीदों और जांच के आधार पर पता चला है कि हमलावरों ने ऑस्ट्रिया में बनी आधुनिक पिस्टल का इस्तेमाल किया था। जब चंद्रनाथ अपनी कार में थे, तभी बाइक सवार दो हमलावरों और वहां पहले से मौजूद एक शार्प शूटर ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। गोलीबारी इतनी सटीक थी कि चंद्रनाथ के शरीर में कई गोलियां लगीं और अस्पताल ले जाने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
जांच के लिए बनी एसआईटी
इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बना दी है। इसमें राज्य पुलिस के बड़े अधिकारियों के साथ फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स को भी शामिल किया गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस हत्या के पीछे कौन है और क्या इसका कोई कनेक्शन सीमा पार से भी है।