8 अप्रैल 2026
श्रीनगर।
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक बहुत बड़े आतंकी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए लश्कर-ए-तैयबा के पांच आतंकियों को गिरफ्तार किया है। ये आतंकी कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक पूरे देश में बड़े धमाके करने की साजिश रच रहे थे। पुलिस की इस मुस्तैदी से एक बड़ा खतरा टल गया है।
पाकिस्तानी एजेंसी ISI के इशारे पर बिछाया था जाल
पकड़े गए आतंकियों में अबू हुरैरा (उर्फ अब्दुल्ला) और उस्मान (उर्फ खुबैब) मुख्य हैं, जो मूल रूप से पाकिस्तानी हैं। ये दोनों आतंकी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर भारत के कई अहम हिस्सों में जासूसी का जाल बुन रहे थे। हैरानी की बात यह है कि हुरैरा पिछले करीब 16 सालों से सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बचकर देश के अलग-अलग राज्यों में अपना नेटवर्क तैयार कर रहा था।
मरा हुआ समझ रही थी पुलिस, लेकिन निकला जिंदा
सुरक्षा एजेंसियों के लिए सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि वे हुरैरा को मृत मान चुके थे। पिछले कई सालों से उसकी कोई गतिविधि सामने नहीं आई थी, जिससे लगा कि वह मारा गया है। लेकिन पिछले साल नवंबर में कश्मीर में सक्रिय एक आतंकी की बातचीत रिकॉर्ड हुई, जिससे खुलासा हुआ कि हुरैरा न सिर्फ जिंदा है बल्कि उस्मान के साथ मिलकर हमले की तैयारी कर रहा है।
देशभर के 19 ठिकानों पर छापेमारी
इस आतंकी नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए पुलिस ने पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली समेत देश के 19 अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और अन्य संदिग्ध सामान बरामद किया गया है। पकड़े गए आतंकियों में मोहम्मद नकीब बट, आदिल रशीद बट और गुलाम मोहम्मद मीर भी शामिल हैं।
विदेश भागने की फिराक में थे आतंकी
जांच में पता चला है कि हुरैरा और उस्मान पर 12-12 लाख रुपये का इनाम घोषित था। ये दोनों जाली पासपोर्ट बनवाकर देश से बाहर भागने की योजना बना रहे थे। हुरैरा पहले भी एक बार फर्जी पासपोर्ट के जरिए देश से बाहर जा चुका था, लेकिन फिर वापस आकर आतंकी गतिविधियों में शामिल हो गया। फिलहाल पुलिस इनसे पूछताछ कर रही है ताकि इनके बाकी साथियों और ठिकानों का पता लगाया जा सके।


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