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15 June 2026

सागर/भोपाल

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के मामले पर कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है। रविवार को सागर जिले के केसली में आयोजित लाड़ली बहना योजना के एक राज्य स्तरीय कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने केवल बदनामी के डर से अपनी ही उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के नामांकन फॉर्म में उनके खिलाफ चल रहे एक आपराधिक मामले की जानकारी जानबूझकर छिपाई थी।
मुख्यमंत्री ने मंच से एक पुरानी घटना का जिक्र करते हुए पूरी कहानी सुनाई। उन्होंने बताया कि जब तेलंगाना में कांग्रेस की सरकार थी, तब वहां की एक कांग्रेसी महिला नेता ने अपनी ही पार्टी के एक बड़े नेता पर दुष्कर्म के गंभीर आरोप लगाए थे। उस समय पीड़िता जब शिकायत दर्ज कराने थाने पहुंची, तो उसकी रिपोर्ट तक नहीं लिखी गई। इसके बाद उस समय तेलंगाना में कांग्रेस पार्टी की प्रभारी मीनाक्षी नटराजन थीं। पीड़ित महिला अपनी फरियाद लेकर मीनाक्षी नटराजन के पास भी गई, लेकिन वहां से भी उसे कोई मदद नहीं मिली।

अदालत के नोटिस का नहीं दिया सही जवाब
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आगे बताया कि जब उस पीड़ित महिला को कहीं से न्याय नहीं मिला, तो उसने अदालत का दरवाजा खटखटाया। इसके बाद अदालत ने मीनाक्षी नटराजन को भी नोटिस जारी किया था। उन्होंने इस नोटिस का जवाब तो दिया, लेकिन जब राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्र भरने की बारी आई, तो कांग्रेस के लोगों ने जानबूझकर इस बात को छिपा लिया। कांग्रेस को डर था कि अगर यह बात सामने आई तो पूरे देश में पार्टी की थू-थू होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि गलत और असत्य जानकारी देने के कारण ही चुनाव अधिकारी ने उनका आवेदन निरस्त कर दिया है।

लाड़ली बहना योजना के विरोध पर घेरा
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य की महत्वाकांक्षी लाड़ली बहना योजना के तहत सिंगल क्लिक के जरिए 1835 करोड़ रुपये की राशि महिलाओं के खातों में ट्रांसफर की। इस मौके पर उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर लाड़ली बहना योजना का विरोध करने का आरोप लगाया। सीएम ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा प्रदेश की बहनों का अपमान किया है और वे नहीं चाहते थे कि यह योजना जारी रहे। उन्होंने जनता से अपील की कि वे इस अपमान को याद रखें और चुनाव में कांग्रेस को सही सबक सिखाएं।

कांग्रेस के अंदर मची कलह, हाईकमान करेगा समीक्षा
दूसरी तरफ, मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस के भीतर एक बड़ी रार छिड़ गई है। खबर है कि पार्टी के कई वरिष्ठ नेता जैसे उमंग सिंघार, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और प्रदेश प्रभारी भंवर जितेंद्र सिंह इस पूरे घटनाक्रम से काफी नाराज हैं। मीनाक्षी नटराजन ने नामांकन दाखिल करने के महज चार दिन पहले ही पार्टी हाईकमान के सामने अपना नाम तय होने के बाद भी इस केस के कानूनी पहलुओं पर प्रदेश के विधिक विशेषज्ञों से कोई सलाह नहीं ली थी।
इसी लापरवाही के कारण पार्टी को राज्यसभा की इस सीट पर भारी फजीहत का सामना करना पड़ा है। इस मामले में कांग्रेस विधायक दल की कोई बैठक भी नहीं बुलाई गई थी, जिससे नेताओं में और ज्यादा नाराजगी है। पार्टी हाईकमान अब इस पूरे मामले की गंभीरता से समीक्षा करने की तैयारी में है। प्रदेश में 21 जून को राज्यसभा की तीन सीटें रिक्त हो रही हैं, जिसमें से एक सीट पर मीनाक्षी नटराजन का पर्चा खारिज होने के बाद कांग्रेस अब बैकफुट पर आ गई है। मीनाक्षी नटराजन को चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट से भी इस मामले में कोई राहत नहीं मिल सकी है।


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