बलूचिस्तान में विद्रोहियों का हमला

बलूचिस्तान में विद्रोहियों का हमला

khabar pradhan

संवाददाता

23 March 2025

अपडेटेड: 5:34 AM 0thGMT+0530

चार पुलिसकर्मियों को किया ढेर

हथियारबंद हमलावरों ने पुलिस की गश्त करने वाली वैन को घेर लिया और गोलीबारी की, जिसमें चार सुरक्षाकर्मी मारे गए। हमलावर घटना के बाद भागने में सफल रहे। इसके साथ ही एक अलग घटना में बलूचिस्तान के ही कलात में चार पंजाबी मजदूरों की गोली मारकर हत्या कर दी गई है।
बलूचिस्तान के नोशकी जिले में बलूच विद्रोहियों ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर बड़ा हमला किया है। पाकिस्तानी मीडिया आउटलेट एआरवाई न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, हमले में कम से कम चार पुलिसकर्मी मारे गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, गोलीबारी की घटना गरीबाबाद इलाके में हुई। हथियारबंद हमलावरों ने पुलिस की गश्त करने वाली वैन को घेर लिया और गोलीबारी की, जिसमें चार सुरक्षाकर्मी मारे गए। हथियारबंद हमलावर घटना को अंजाम देने के बाद घटना से भागने में सफल रहे।

रिपोर्ट के अनुसार, मौके पर पहुंचे सुरक्षाबलों ने शवों को स्थानीय अस्पताल में पहुंचाया। बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री मीर सरफराज बुगती ने हमले की कड़ी निंदा की और बहुमूल्य लोगों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया। बुगली ने हमले की निंदा करते हुए इसे कायराना कृत्य बताया और कहा कि बलूचिस्तान में शांति और विकास प्रक्रिया को बाधित करने के ऐसे प्रयास सफल नहीं होंगे। उन्होंने कहा, ‘जो लोग निर्दोष लोगों के जीवन के साथ खेलते हैं, उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।’
नोशकी में हाल ही में दूसरा बड़ा हमला है। इसके पहले बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने पाकिस्तानी सेना के काफिले पर हमला किया था और सैनिकों से भरी बस को उड़ा दिया था। विद्रोहियों ने 90 सैनिकों की मौत का दावा किया था। हालांकि, अधिकारियों ने 7 सैनिकों की मौत की बात स्वीकार की थी
इस बीच एक अलग घटना में को बलूचिस्तान के कलात जिले में सशस्त्र हमलावरों ने पंजाब के 4 मजदूरों की गोली मारकर हत्या कर दी। मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि हमलावर भागने में सफल रहे। रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ित एक स्थानीय जमींदार के लिए ट्यूबवेल खोद रहे थे।
बलूचिस्तान में हाल के दिनों में अलगाववादी विद्रोही समूहों ने अपने हमले तेज कर दिए हैं। बीते सप्ताह बलूच विद्रोहियों ने क्वेटा से पेशावर जा रही जाफर एक्सप्रेस ट्रेन को कब्जे में ले लिया था और 200 से ज्यादा लोगों को बंधक बना लिया था। करीब दो दिन बाद पाकिस्तानी सेना ने बंधकों को छुड़ाने का दावा किया था। लेकिन विद्रोहियों ने इस दावे का ठुकरा दिया था। बाद में विद्रोहियों ने सभी बंधकों को मारे जाने की बात कही थी।

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