बायसरन घाटी हमला: 26 लोगों की हत्या के एक महीने बाद भी आतंकी फरार, सुराग तक नहीं
संवाददाता
21 May 2025
अपडेटेड: 12:17 PM 0stGMT+0530
बायसरन घाटी हमला: 26 लोगों की हत्या के एक महीने बाद भी आतंकी फरार, सुराग तक नहीं
22 अप्रैल, 2025 को जम्मू-कश्मीर की बायसरन घाटी (पहलगाम) में हुए आतंकी हमले को एक महीना बीत चुका है. इस जघन्य हमले में 26 टूरिस्टों की धर्म पूछ-पूछकर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. हमले को अंजाम देने वाले तीन आतंकी अब भी फरार हैं और सुरक्षा एजेंसियां अब तक उन्हें पकड़ने में नाकाम रही हैं. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) इस केस की जांच कर रही है, लेकिन आतंकियों की लोकेशन तक ट्रेस नहीं हो पाई है.
हमले के बाद FIR, पोस्टर और स्केच जारी हुए
22 अप्रैल को हमले के तुरंत बाद पहलगाम पुलिस ने FIR दर्ज की थी, जिसमें किसी आतंकी का नाम नहीं था. इसमें बस इतना लिखा गया कि हमले के पीछे पाकिस्तान की साजिश है. अगले दिन 23 अप्रैल को अनंतनाग पुलिस ने एक पोस्टर जारी कर हमले से जुड़ी जानकारी देने पर 20 लाख का इनाम घोषित किया. 24 अप्रैल को तीन आतंकियों के स्केच जारी किए गए:
- आदिल हुसैन ठोकर (अनंतनाग निवासी)
- हाशिम मूसा उर्फ सुलेमान (पाकिस्तानी, पूर्व SSG कमांडो)
- अली उर्फ तल्हा भाई (पाकिस्तानी)
तीनों पर 20-20 लाख रुपए का इनाम घोषित किया गया.
जांच में जुटी NIA, हजारों से पूछताछ, फिर भी खाली हाथ
23 अप्रैल को NIA की टीम मौके पर पहुंची और 27 अप्रैल से इस केस को आधिकारिक रूप से अपने हाथ में ले लिया. NIA के IG, DIG और SP रैंक के अधिकारी केस की निगरानी कर रहे हैं. अब तक 3,000 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की जा चुकी है और 113 लोगों को हिरासत में लिया गया है. कई संदिग्धों को हर रोज पहलगाम थाने में हाजिरी देने के लिए बुलाया जा रहा है. 7 मई को NIA ने लोगों से अपील की थी कि यदि उनके पास कोई फोटो, वीडियो या सूचना हो, तो वे साझा करें. इसके लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए थे.
आतंकी क्यों नहीं पकड़े जा सके? दो अहम वजहें
जांच एजेंसियों के मुताबिक आतंकियों के अब तक न पकड़े जाने के पीछे दो मुख्य वजहें हैं:
- सीमित संपर्क: आतंकी सिर्फ 2 या 3 ओवरग्राउंड वर्कर्स के संपर्क में हैं, जो उन्हें जरूरी सामान पहुंचा रहे हैं. इससे उनकी लोकेशन ट्रेस करना मुश्किल हो रहा है.
- जंगल और पहाड़ों में छिपे: आतंकी घरों की बजाय जंगलों, गुफाओं या पहाड़ी इलाकों में बने हाइडआउट्स में छिपे हैं. यहां से उनका पता लगाना बेहद कठिन है.
जुनैद की तस्वीर से मिला सुराग, लेकिन आगे कोई ठोस सबूत नहीं
NIA को एक फोटो मिला है, जिसमें चार आतंकी घने जंगल में राइफल लिए खड़े हैं. इसमें हाशिम मूसा और जुनैद अहमद भट्ट की पहचान हुई. जुनैद को दिसंबर 2024 में मार गिराया गया था. उसके मोबाइल से ही ये फोटो मिला था. जुनैद अक्टूबर 2024 में सोनमर्ग टनल पर हुए हमले में भी शामिल था. हालांकि, इस फोटो के अलावा NIA को अब तक आतंकियों की कोई पुख्ता लोकेशन या मूवमेंट की जानकारी नहीं मिली है.