24 अप्रैल 2026

भोपाल:
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर रंगदारी वसूलने वाले एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। यह गैंग किसी बड़ी कंपनी यानी ‘कॉर्पोरेट’ की तरह काम कर रहा था, जहाँ हर अपराधी का काम पहले से तय था। पुलिस की एसआईटी (SIT) ने कार्रवाई करते हुए इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने एक रियल एस्टेट कारोबारी से 10 करोड़ रुपये की मांग की थी।

जेल से चल रहा था खेल, हर गुर्गे का काम था अलग
जांच में सामने आया है कि इस पूरे गैंग का नेटवर्क बहुत ही पेशेवर तरीके से फैला हुआ था। गैंग में शामिल अपराधियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं:
रेकी करने वाले: इनका काम टारगेट की हर गतिविधि पर नजर रखना था।
धमकी देने वाले: ये लोग इंटरनेट कॉल्स या सोशल मीडिया के जरिए दहशत फैलाते थे।
फाइनेंस संभालने वाले: इसमें बीकानेर का एक 18 साल का युवक (जेबी) भी शामिल था, जो जयपुर के बाल सुधार गृह से इस नेटवर्क को चलाने में मदद कर रहा था।

भोपाल पुलिस की गिरफ्त में आए मास्टरमाइंड
भोपाल पुलिस की टीम उत्तर प्रदेश के बांदा जिले से मास्टरमाइंड आनंद मिश्रा और उसके साथी निर्मल तिवारी को ट्रांजिट रिमांड पर भोपाल लेकर आई है। इस गिरोह ने कोलार इलाके के एक बड़े बिल्डर का वीडियो बनाकर उसे डराया और भारी भरकम रकम की मांग की थी।

एसआईटी की जांच में पता चला है कि:
मुख्य आरोपी आनंद मिश्रा के कहने पर ही निर्मल तिवारी ने बिल्डर की रेकी की थी।
आरोपी नेपाल भागने की फिराक में थे, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें दबोच लिया।
गिरोह के तार राजस्थान की जेलों से भी जुड़े हुए हैं।
मध्य प्रदेश में बढ़ता नेटवर्क और पुलिस की कार्रवाई
यह पहली बार नहीं है जब प्रदेश में बिश्नोई गैंग के नाम पर धमकी दी गई हो। पिछले कुछ महीनों में खरगोन और अन्य जिलों से भी रंगदारी के मामले सामने आए हैं। पुलिस के मुताबिक, यह गैंग ‘व्हाट्सएप’ और अन्य सुरक्षित एप्स का इस्तेमाल करता था ताकि बातचीत पकड़ी न जा सके।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एसटीएफ) डॉ. श्रीनिवास वर्मा ने बताया कि आरोपियों के बैंक खातों की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि पैसों का लेन-देन कहां-कहां हुआ है। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है जो पर्दे के पीछे रहकर इस सिंडिकेट को चला रहे हैं।

आंकड़ों में गिरोह का आतंक
10 करोड़: भोपाल के बिल्डर से मांगी गई फिरौती की रकम।
15 से ज्यादा: मुख्य आरोपी आनंद मिश्रा के खिलाफ राजस्थान में दर्ज गंभीर मामले।
6 केस: मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों में इस गिरोह के खिलाफ दर्ज मामले, जिनकी जांच टास्क फोर्स कर रही है।