बिहार में CM नीतीश ने शुरू किया ‘महिला संवाद’ अभियान
संवाददाता
18 April 2025
अपडेटेड: 7:43 AM 0thGMT+0530

70 हजार स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम, महिलाओं को सरकारी योजनाओं की दी जाएगी जानकारी
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज 18 अप्रैल 2025 को ‘महिला संवाद’ अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया। इस महत्वाकांक्षी पहल का उद्देश्य राज्य की महिलाओं को सरकारी योजनाओं और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना है। पहले दिन 600 स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए, और अगले दो महीनों में पूरे प्रदेश में 70 हजार जगहों पर जागरूकता शिविर लगाए जाएंगे। इस अभियान के जरिए सरकार का लक्ष्य 2 करोड़ महिलाओं तक पहुंचना और उन्हें विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देना है।
अभियान का उद्देश्य और महत्व
‘महिला संवाद’ अभियान के तहत महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वरोजगार, और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही, उनकी समस्याओं को सुनकर त्वरित समाधान का प्रयास किया जाएगा। नीतीश कुमार ने इस मौके पर कहा, “महिलाएं समाज की रीढ़ हैं, और उनकी प्रगति के बिना बिहार का विकास संभव नहीं है। यह अभियान उनकी आवाज को मजबूत करेगा और उन्हें सशक्त बनाने में मदद करेगा।”
पहले दिन का आयोजन
शुभारंभ के दिन पटना सहित बिहार के विभिन्न जिलों में 600 जगहों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन शिविरों में महिलाओं को बिहार सरकार की योजनाओं जैसे जीविका, मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना, और नारी शक्ति योजना के बारे में बताया गया। अधिकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने महिलाओं के सवालों का जवाब दिया और उनकी शिकायतों को दर्ज किया। कई जगहों पर स्थानीय महिलाओं ने अपनी सफलता की कहानियां साझा कीं, जिन्हें सुनकर अन्य महिलाएं प्रेरित हुईं।
70 हजार स्थानों पर होगा विस्तार
अगले दो महीनों में यह अभियान बिहार के हर कोने तक पहुंचेगा। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में 70 हजार स्थानों पर शिविर लगाए जाएंगे, जहां प्रशिक्षित कर्मचारी और स्वयंसेवी संगठन महिलाओं को योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया समझाएंगे। सरकार ने इसके लिए विशेष टास्क फोर्स का गठन किया है, जो अभियान की प्रगति पर नजर रखेगा। साथ ही, डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए भी जानकारी साझा की जाएगी ताकि ज्यादा से ज्यादा महिलाएं इससे जुड़ सकें।
महिलाओं के लिए विशेष योजनाएं
अभियान के दौरान जिन योजनाओं पर जोर दिया जा रहा है, उनमें शामिल हैं:
जीविका योजना: स्वयं सहायता समूहों के जरिए महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर।
मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना: लड़कियों की शिक्षा और सशक्तिकरण के लिए वित्तीय सहायता।
नारी शक्ति योजना: महिलाओं के लिए कौशल विकास और रोजगार के अवसर।
स्वास्थ्य योजनाएं: मातृ स्वास्थ्य और परिवार कल्याण से जुड़ी सुविधाएं।
राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव
यह अभियान न केवल सामाजिक जागरूकता के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि राजनीतिक दृष्टिकोण से भी नीतीश कुमार की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। महिलाएं बिहार की राजनीति में एक मजबूत वोट बैंक रही हैं, और इस अभियान के जरिए उनकी समस्याओं का समाधान कर सरकार अपनी छवि को और मजबूत करना चाहती है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह पहल ग्रामीण महिलाओं को मुख्यधारा से जोड़ने में मील का पत्थर साबित हो सकती है।
चुनौतियां और अपेक्षाएं
हालांकि अभियान की शुरुआत उत्साहजनक रही, लेकिन इतने बड़े पैमाने पर इसे लागू करना आसान नहीं होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे की कमी और जागरूकता का अभाव चुनौतियां खड़ी कर सकता है। इसके बावजूद, सरकार ने दावा किया है कि सभी स्तरों पर समन्वय सुनिश्चित किया जाएगा ताकि यह अभियान अपनी मंजिल तक पहुंचे।
यह अभियान बिहार में महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। अगले कुछ हफ्तों में इसके परिणामों पर सभी की नजर रहेगी।