8 अप्रैल 2026
टीकमगढ़

मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती एक बार फिर अपने पुराने तेवर में नजर आईं। टीकमगढ़ के सिविल लाइन रोड पर प्रशासन द्वारा हाथठेला चलाने वालों के खिलाफ की गई बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में उमा भारती खुद मैदान में उतर आईं। उन्होंने न सिर्फ कार्रवाई का विरोध किया, बल्कि उसी जगह पर हाथठेला लगाकर खुद पोहा और जलेबी बेचे।

बिना विकल्प दिए उजाड़ना अन्याय है: उमा भारती
टीकमगढ़ के सबसे व्यस्त इलाके सिविल लाइन रोड पर सोमवार को प्रशासन ने अस्पताल चौराहे से ईदगाह तक करीब 25 दुकानों और ठेलों को ‘अवैध’ बताकर हटा दिया था। इस कार्रवाई से नाराज पूर्व सीएम ने इसे प्रशासन की तानाशाही करार दिया। उन्होंने कहा कि गरीबों को उजाड़ने से पहले उन्हें बसाने की जगह दी जानी चाहिए थी। उमा भारती ने दो टूक शब्दों में कहा कि सुधार की शुरुआत समाज के मजबूत और रसूखदार वर्ग से होनी चाहिए, न कि उन गरीबों से जो रोज कमाते और खाते हैं।

प्रशासन बैकफुट पर, दुकानदारों को फिर से ठेला लगाने को कहा
उमा भारती का विरोध इतना कड़ा था कि प्रशासन को अपने कदम पीछे खींचने पड़े। उमा भारती ने हटाए गए दुकानदारों से कहा कि वे उसी स्थान पर दोबारा अपने ठेले लगाएं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह उनके साथ खड़ी हैं और अब उनके ठेलों को कोई नहीं हटाएगा। पूर्व मुख्यमंत्री के इस कड़े रुख के बाद मंगलवार को प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की।

नगर पालिका अध्यक्ष ने भी उठाए सवाल
इस मामले में नगर पालिका अध्यक्ष अब्दुल गफ्फार ने भी प्रशासन की कार्रवाई पर आपत्ति जताई है। उन्होंने बताया कि शहर में बड़े अतिक्रमणकारियों की लिस्ट तीन साल पहले ही तैयार कर ली गई थी, लेकिन उन पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में केवल छोटे दुकानदारों को निशाना बनाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

दरअसल शहर में वेंडिंग जोन बनाने को लेकर पहले भी चर्चा हुई थी। पार्षदों ने प्रशासन को तीन-चार जगहें सुझाई थीं जहाँ इन हाथठेला वालों को शिफ्ट किया जा सकता था, लेकिन प्रशासन ने बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के सीधे बुलडोजर चला दिया। उमा भारती के दखल के बाद अब यह मुद्दा गरमा गया है और गरीब तबके के लोगों ने राहत की सांस ली है।