भारत और न्यूजीलैंड के बीच चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल मैच से पहले, राष्ट्रीय टीम के अनुभवी स्पिनर रविचंद्रन अश्विन का बयान आया सामने।
संवाददाता
8 March 2025
अपडेटेड: 10:24 AM 0thGMT+0530
अश्विन का यह बयान चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल मैच से पहले भारतीय टीम के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश।
अश्विन ने कहा, ‘मैं प्रेस कॉन्फ्रेंस में घरेलू फायदा के बारे में हमारे कप्तान, कोचों से पूछे गए सवालों पर बस हंस सकता हूं। हमारे खिलाड़ियों पर कीचड़ उछालने के लिए ऐसा किया जाता है। कृपया इस तरह की बातों में मत आइए।’
भारत और न्यूजीलैंड के बीच चैंपियंस ट्रॉफी का खिताबी मुकाबला रविवार को दुबई में खेला जाना है। फैंस उम्मीद कर रहे हैं कि यह एक हाईवोल्टेज मुकाबला होगा। न्यूजीलैंड इससे पहले साल 2000 में भी चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में हमें हरा चुका है। टीम इंडिया इसका बदला लेने उतरेगी। भारत ने अजेय रहते हुए खिताबी मुकाबले में प्रवेश किया है, जबकि न्यूजीलैंड ने सिर्फ एक मैच गंवाया है और वह भी भारत के खिलाफ। हालांकि, भारत के पूर्व स्पिनर रविचंद्रन अश्विन का मानना है कि कीवी एक बार फिर भारतीय फैंस का दिल दुखा सकते हैं। अश्विन ने कहा कि वह भारत की जीत की आशा कर रहे हैं, लेकिन उन्हें डर भी लग रहा है। भारत को न्यूजीलैंड के हाथों 2021 विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में भी हार का सामना करना पड़ा था।
चैंपियंस ट्रॉफी 2025 भारत का लगातार तीसरा आईसीसी सीमित ओवरों का फाइनल है। इससे पहले टीम इंडिया 2023 वनडे विश्व कप फाइनल और 2024 टी20 विश्व कप फाइनल में भी पहुंची थी। इस पूरे चैंपियंस ट्रॉफी में एक बात जो आम रही है वह है भारत पर लगे आरोप। कई दूसरे देशों के क्रिकेटर्स ने भारतीय टीम पर एक स्थान पर खेलने के फायदे का आरोप लगाया था। उनका कहना है कि परिस्थितियों का बेहतर अंदाजा की वजह से टीम इंडिया जीत रही है। अब इस पर अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर आलोचकों पर तंज कसा है और उन्हें मुंहतोड़ जवाब दिया है। अश्विन ने इसे आलोचकों के प्रोपेगेंडा का हिस्सा बताया है।
उन्होंने कहा, ‘मैं प्रेस कॉन्फ्रेंस में घरेलू फायदा के बारे में हमारे कप्तान, कोचों से पूछे गए सवालों पर बस हंस सकता हूं। 2009 चैंपियंस ट्रॉफी में दक्षिण अफ्रीका ने अपने सभी मैच एक ही स्थान पर खेले और वे फाइनल के लिए क्वालिफाई भी नहीं कर पाए। यह दक्षिण अफ्रीका की गलती नहीं है कि वे क्वालिफाई नहीं कर सके। इस बात को स्वीकार करना चाहिए कि भारत ने क्लास क्रिकेट खेला है और शानदार प्रदर्शन के कारण ही फाइनल में पहुंचे हैं। इस टूर्नामेंट से पहले पिछली बार भारत दुबई में कोविड के दौरान खेला था। इसके बाद न्यूजीलैंड, इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका ने दुबई में खेला।’
उन्होंने कहा, ‘एक टीम भारत आती है और 0-4 से हारने के बाद पिच को दोषी करार देती है। हमारे खिलाड़ियों पर कीचड़ उछालने के लिए ऐसा किया जाता है। कृपया इस तरह की बातों में मत आइए। यहां तक कि कुछ भारतीय लोग भी इस विवाद में पड़ रहे हैं। इससे मुझे परेशानी है। मैंने अभी भी अपने नब्ज पर काबू पा रखा है। मुझे अच्छा एहसास नहीं हो रहा है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड की जीत के बाद मुझे लग रहा है कि वे एक बार फिर हमें नुकसान पहुंचा सकते हैं।’
भारतीय टीम पर नासिर हुसैन और माइकल एथर्टन जैसे पूर्व क्रिकेटरों ने आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि भारत को एक स्थान पर खेलने के शेड्यूलिंग का फायदा मिल रहा है। टीम बिल्कुल भी यात्रा नहीं कर रही है और इससे उन्हें परिस्थितियों को अच्छी तरह से जानने का मौका मिला। इन दिग्गजों ने कहा था कि भारत ने दुबई को ध्यान में रखते हुए अपनी टीम का चयन किया था।
वहीं, फाइनल मुकाबले से पहले न्यूजीलैंड के कोच का भी इस मुद्दे पर बयान आया था। उन्होंने कहा, ‘कार्यक्रम तैयार करना हमारे हाथ में नहीं है, इसलिए हमें इसको लेकर बहुत अधिक चिंता करने की जरूरत नहीं है। भारत ने अपने सभी मैच यहां दुबई में खेले, लेकिन हमें भी यहां एक मैच खेलने का मौका मिला और हम उस अनुभव से सीख लेना चाहेंगे। इस मुकाम पर पहुंचना बहुत रोमांचक होता है और हमारा मानना है कि यह भी एक अन्य मैच की तरह है। अगर हम रविवार को अच्छा खेल दिखाकर भारत को हराने में सफल रहते हैं तो मुझे बहुत खुशी होगी।’
न्यूजीलैंड की टीम को ग्रुप ए का अपना अंतिम मैच खेलने के लिए दुबई आना पड़ा और फिर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सेमीफाइनल खेलने के लिए उसे वापस पाकिस्तान लौटना पड़ा था। स्टीड ने स्वीकार किया के यह कार्यक्रम काफी व्यस्त था, लेकिन उनकी टीम इस तरह की परिस्थितियों से सामंजस्य से बैठाने में सक्षम है। उन्होंने कहा, ‘फाइनल में खेलने के लिए अपने शरीर और दिमाग को सही स्थिति में लाने की जरूरत होती है और खिताबी मुकाबले से पहले हम इसी पर अपना ध्यान केंद्रित करेंगे।’