भारत की बढ़ती ताकत से पाकिस्तान में खलबली

khabar pradhan

संवाददाता

25 May 2025

अपडेटेड: 9:19 AM 0thGMT+0530

भारत की बढ़ती ताकत से पाकिस्तान में खलबली

भारत की बढ़ती ताकत से पाकिस्तान में खलबली:

रक्षा बजट बढ़ाने की हड़बड़ी, हिंदुस्तान को बताया ‘खतरनाक पड़ोसी’

भारत की सैन्य और कूटनीतिक ताकत ने एक बार फिर पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान को बेचैन कर दिया है। हाल ही में भारत द्वारा सिंधु जल समझौते को निलंबित करने और ऑपरेशन सिंदूर जैसे साहसिक कदमों ने पाकिस्तान के सियासी और सैन्य गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। इस बीच, पाकिस्तान ने अपने रक्षा बजट को बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है और भारत को ‘खतरनाक पड़ोसी’ करार देकर अपनी बौखलाहट जाहिर की है। आइए, इस घटनाक्रम की गहराई में उतरकर समझते हैं कि कैसे भारत की मजबूत रणनीति ने पाकिस्तान को बैकफुट पर ला दिया है और इसकी क्या वजहें हैं।

भारत का साहसिक कदम: सिंधु जल समझौते पर चोट

पाकिस्तान की बेचैनी की सबसे बड़ी वजह है भारत का वह ऐतिहासिक फैसला, जिसमें उसने 1960 के सिंधु जल समझौते को निलंबित कर दिया। यह समझौता दशकों से भारत और पाकिस्तान के बीच जल बंटवारे का आधार रहा है, जिसमें सिंधु, झेलम, और चिनाब नदियों का अधिकांश पानी पाकिस्तान को मिलता था। लेकिन अब भारत ने इस पानी को अपने किसानों, खेतों, और विकास के लिए उपयोग करने का फैसला किया है।

जम्मू-कश्मीर और पंजाब में डैम, नहरें, और जलाशयों का निर्माण तेजी से शुरू हो चुका है। खास तौर पर चिनाब नदी का पानी रणबीर नहर में डायवर्ट करने की योजना ने पाकिस्तान की नींद उड़ा दी है। यह कदम न केवल भारत के जल संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करेगा, बल्कि पाकिस्तान की कृषि और अर्थव्यवस्था पर गहरा असर डालेगा, जो सिंधु नदी के पानी पर निर्भर है।

ऑपरेशन सिंदूर: भारत की सैन्य ताकत का डंका

भारत की सैन्य ताकत भी पाकिस्तान के लिए सिरदर्द बनी हुई है। हाल ही में भारतीय सेना के वायु रक्षा महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल सुमेर इवान डी’कुन्हा ने साफ शब्दों में कहा कि भारत के पास ऐसा हथियार भंडार है, जो पाकिस्तान के किसी भी हिस्से को निशाना बना सकता है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत भारत की सैन्य तैयारियों ने पाकिस्तान को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि अगर भारत ने कोई कार्रवाई की, तो उनके पास बचने का कोई रास्ता नहीं होगा।

सोशल मीडिया पर इस बयान ने तहलका मचा दिया। एक यूजर ने लिखा, “पाकिस्तान को अब समझ आ गया कि भारत कोई छोटा-मोटा पड़ोसी नहीं। हमारी ताकत का लोहा पूरी दुनिया मान रही है।” यह बयान भारत की बढ़ती सैन्य क्षमता और आत्मविश्वास का प्रतीक है।

पाकिस्तान की बौखलाहट: रक्षा बजट बढ़ाने की जल्दबाजी

भारत के इन कदमों ने पाकिस्तान को इतना परेशान कर दिया कि वह अपने रक्षा बजट को बढ़ाने की योजना बना रहा है। पाकिस्तानी मीडिया और नेताओं ने भारत को ‘खतरनाक पड़ोसी’ करार देकर अपनी हताशा जाहिर की है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने दावा किया कि भारत जल्द ही सैन्य घुसपैठ कर सकता है, जिसके लिए उनकी सेना हाई अलर्ट पर है।

पाकिस्तान की इस हड़बड़ी के पीछे भारत की सैन्य और कूटनीतिक ताकत का डर साफ दिखता है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत के हालिया कदमों ने पाकिस्तान को रणनीतिक और आर्थिक रूप से कमजोर कर दिया है। एक तरफ पानी की कमी का संकट, दूसरी तरफ भारत की सैन्य ताकत—पाकिस्तान के पास जवाब देने के लिए कोई ठोस रणनीति नहीं दिख रही।

भारत की रणनीति: किसानों और विकास को प्राथमिकता

भारत का यह कदम केवल पाकिस्तान को जवाब देना नहीं है, बल्कि अपने संसाधनों का बेहतर उपयोग करना भी है। नए डैम और नहरों के निर्माण से जम्मू-कश्मीर, पंजाब, और हिमाचल प्रदेश के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा। साथ ही, जल विद्युत परियोजनाएं ग्रामीण विकास और ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देंगी।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, “हमारा पानी अब हमारे खेतों को हरा-भरा करेगा। यह भारत के किसानों और विकास के लिए एक बड़ा कदम है।” यह रणनीति न केवल भारत को आत्मनिर्भर बनाएगी, बल्कि यह भी सुनिश्चित करेगी कि भारत का हर संसाधन देश के हित में इस्तेमाल हो।

पाकिस्तान का प्रचार: भारत को बदनाम करने की कोशिश

पाकिस्तान ने भारत को ‘खतरनाक पड़ोसी’ बताकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी बात रखने की कोशिश की है, लेकिन यह दांव उल्टा पड़ता दिख रहा है। भारत की कूटनीतिक ताकत और वैश्विक मंचों पर बढ़ता प्रभाव पाकिस्तान के लिए चुनौती बना हुआ है। पाकिस्तानी मीडिया में भारत के खिलाफ लगातार प्रचार चल रहा है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यह उनकी हताशा का नतीजा है।

सोशल मीडिया पर भी पाकिस्तान के इस रवैये की आलोचना हो रही है। एक यूजर ने लिखा, “पाकिस्तान पहले अपनी अर्थव्यवस्था संभाले, फिर भारत को खतरनाक बताए। भारत की ताकत से डरना स्वाभाविक है।” यह टिप्पणी दर्शाती है कि भारत की बढ़ती ताकत अब न केवल पड़ोसियों, बल्कि पूरी दुनिया की नजरों में है।

भारत की ताकत, पाकिस्तान की बेचैनी

भारत का यह कदम न केवल जल प्रबंधन और सैन्य ताकत की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह एक कूटनीतिक जीत भी है। भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपनी शर्तों पर फैसले लेगा और किसी भी दबाव में झुकेगा नहीं। पाकिस्तान की बेचैनी और रक्षा बजट बढ़ाने की हड़बड़ी इस बात का सबूत है कि भारत की रणनीति सही दिशा में काम कर रही है।

यह घटनाक्रम भारत की बढ़ती वैश्विक ताकत और आत्मविश्वास का प्रतीक है। जहां भारत अपने
संसाधनों और सैन्य क्षमता को मजबूत कर रहा है, वहीं पाकिस्तान की प्रतिक्रिया उनकी कमजोरी को उजागर कर रही है। यह कहानी न केवल भारत की ताकत का जश्न है, बल्कि यह भी दिखाती है कि कैसे एक देश अपनी नीतियों और दृढ़संकल्प से पड़ोसियों को सोचने पर मजबूर कर सकता है।

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