17 अप्रैल 2026
नई दिल्ली:
आज के डिजिटल दौर में स्मार्टफोन और इंटरनेट हमारी जरूरत बन गए हैं, लेकिन इसके साथ ही साइबर ठगी का जोखिम भी बहुत बढ़ गया है। हाल ही में सामने आए आंकड़े बताते हैं कि भारत में साइबर अपराधों की बाढ़ सी आ गई है। लोग अनजाने में किसी भी लिंक पर क्लिक कर देते हैं या अनजान फोन कॉल्स के झांसे में आकर अपनी मेहनत की कमाई पल भर में गंवा रहे हैं।
चौंकाने वाले आंकड़े: हर सेकंड बज रही घंटी
देश में साइबर क्राइम किस तेजी से बढ़ रहा है, इसका अंदाजा आप इन सरकारी आंकड़ों से लगा सकते हैं:
साल 2023 में साइबर अपराधों से जुड़ी करीब 96.4 लाख कॉल्स आई l साल 2024 में कुल 2.21 करोड़ शिकायतें दर्ज की गई थीं, जबकि साल 2025 में यह संख्या बढ़कर 3.24 करोड़ तक पहुंच गई है।
हेल्पलाइन पर दबाव: राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर हर सेकंड नई शिकायतें दर्ज हो रही हैं।
हेल्पलाइन 1930 क्यों है जरूरी?
सरकार द्वारा संचालित 1930 हेल्पलाइन नंबर साइबर ठगी का शिकार हुए लोगों के लिए एक बड़ा सहारा है। केंद्र सरकार की निगरानी में चलने वाली इस हेल्पलाइन की कुछ खास बातें :
* त्वरित कार्रवाई: अगर आपके साथ कोई वित्तीय धोखाधड़ी होती है, तो सबसे जरूरी बात यह है कि आप तुरंत इस नंबर पर शिकायत दर्ज कराएं।
* पैसा फ्रीज होने की संभावना: अगर आप ठगी के तुरंत बाद (गोल्डन ऑवर में) सूचना दे देते हैं, तो पुलिस ठगी गई रकम को अपराधी के बैंक खाते में फ्रीज करा सकती है, जिससे आपके पैसे वापस मिलने की उम्मीद बढ़ जाती है।
* राज्य पुलिस का समन्वय: यह हेल्पलाइन देश के सभी राज्यों की पुलिस के साथ मिलकर काम करती है ताकि अपराधियों तक जल्द पहुंचा जा सके।
सुरक्षित रहने के लिए क्या करें?
विशेषज्ञों का कहना है कि सावधानी ही बचाव है। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, अपनी बैंक डिटेल्स या ओटीपी किसी के साथ साझा न करें और किसी भी संदिग्ध कॉल पर भरोसा करने से पहले उसकी जांच जरूर करें।
साइबर अपराध की यह रफ्तार डराने वाली है, इसलिए खुद भी जागरूक रहें और अपने परिवार के बुजुर्गों व बच्चों को भी इसके खतरों के बारे में बताएं।


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