भोजशाला मामला: हाई कोर्ट में हिंदू पक्ष ने कहा- “राजा भोज के समय यहाँ सरस्वती मंदिर था, हमारे पास हैं पुख्ता सबूत”
संवाददाता
8 April 2026
अपडेटेड: 2:42 PM 0thGMT+0530
8 अप्रैल 2026
इंदौर।
मध्य प्रदेश के धार जिले की ऐतिहासिक भोजशाला को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर चर्चा में है। इंदौर हाई कोर्ट की युगल पीठ के सामने मंगलवार को इस मामले की विस्तृत सुनवाई हुई। हिंदू पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे प्रसिद्ध वकील विष्णु शंकर जैन ने अदालत के सामने कई ऐतिहासिक साक्ष्य पेश किए और दावा किया कि यह स्थल मूल रूप से एक मंदिर ही है।
राजा भोज और मां सरस्वती का नाता
सुनवाई के दौरान वकील विष्णु शंकर जैन ने दलील दी कि राजा भोज के शासनकाल में यहाँ भव्य सरस्वती मंदिर स्थापित किया गया था। उन्होंने कोर्ट को बताया कि यहाँ स्थापित मां सरस्वती की मूर्ति को बाद में हटाया गया, जो वर्तमान में ब्रिटिश म्यूजियम (लंदन) में सुरक्षित रखी हुई है। हिंदू पक्ष का कहना है कि यह स्थल कभी भी वक्फ की संपत्ति नहीं रहा है और इसके ऐतिहासिक रिकॉर्ड भी इसी बात की गवाही देते हैं।
राम मंदिर फैसले का दिया हवाला
अधिवक्ता जैन ने उच्चतम न्यायालय द्वारा राम मंदिर मामले में दिए गए ऐतिहासिक फैसले का उदाहरण देते हुए कहा कि किसी मंदिर को तोड़ देने या उसे नुकसान पहुँचाने से उसका मूल चरित्र नहीं बदल जाता। उन्होंने कहा कि एक बार जहाँ मंदिर था, वह स्थान हमेशा मंदिर ही माना जाता है। कोर्ट को यह भी बताया गया कि वर्ष 1935 तक स्थानीय मुसलमानों को भी इस स्थल को लेकर कोई आपत्ति नहीं थी, विवाद उसके बाद शुरू हुए।
विद्वानों के लेख और गजेटियर्स बने आधार
हिंदू पक्ष की ओर से ‘हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस’ ने अदालत में साक्ष्यों की पूरी कतार लगा दी। इसमें विभिन्न विद्वानों के यात्रा-वृत्तांत, ऐतिहासिक गजेटियर्स, जर्नल्स और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा प्रकाशित दस्तावेजों का उल्लेख किया गया है। इन सभी रिकॉर्ड्स के जरिए यह सिद्ध करने की कोशिश की गई कि मुगल आक्रमणकारियों ने मंदिर को ध्वस्त कर उस पर कब्जा करने का प्रयास किया था।
विपक्ष की दलीलें और अगली सुनवाई
वहीं, दूसरी ओर मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसाइटी की तरफ से वरिष्ठ वकील सलमान खुर्शीद वर्चुअली पेश हुए और अपना पक्ष रखा। न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला और न्यायमूर्ति आलोक अवस्थी की पीठ इस मामले की गंभीरता से सुनवाई कर रही है। बुधवार दोपहर 2:30 बजे से इस मामले की सुनवाई फिर से शुरू होगी, जिसमें दोनों पक्षों की दलीलों पर आगे विचार किया जाएगा।
इस महत्वपूर्ण सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता आशीष गोयल और अधिवक्ता विनय जोशी सहित कई लोग कोर्ट रूम में मौजूद रहे। अब सबकी नजरें बुधवार की सुनवाई पर टिकी हैं, जहाँ कुछ और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।