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3 June 2026: खबर प्रधान डेस्क:

भोपाल।
आम के शौकीनों के लिए एक बेहद शानदार ख़बर है। मध्य प्रदेश में आम के उत्पादन और इसके कारोबार को बढ़ावा देने के लिए राजधानी भोपाल में एक बड़ा आयोजन होने जा रहा है। शहर के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में 6 और 7 जून को दो दिवसीय राज्य स्तरीय आम महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य राज्य में आम के उत्पादन को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर आयोजित हो रहे इस खास महोत्सव में प्रदेशभर के आम उत्पादक और किसान अपनी फसलों के साथ शामिल होंगे। उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा ने इस आयोजन की जानकारी देते हुए बताया कि इस साल महोत्सव का सबसे प्रमुख आकर्षण अलीराजपुर जिले का मशहूर ‘नूरजहां’ आम रहने वाला है, जो अपने बड़े आकार और अनोखे स्वाद के लिए दुनिया भर में जाना जाता है।

दशहरी से लेकर मल्लिका तक, एक ही छत के नीचे दिखेंगी कई किस्में:
इस दो दिवसीय महोत्सव में मध्य प्रदेश के अलग-अलग कोनों में पैदा होने वाले आमों की कई मशहूर किस्मों को प्रदर्शित किया जाएगा। यहाँ आने वाले लोग दशहरी, लंगड़ा, केसर, चौसा, तोतापरी, नीलम और मल्लिका जैसी बेहतरीन किस्मों के आमों को न सिर्फ देख सकेंगे, बल्कि उनके बारे में पूरी जानकारी भी ले सकेंगे।
मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों की अपनी एक ख़ास पहचान है। जैसे अलीराजपुर का नूरजहां आम अपने भारी-भरकम आकार के लिए प्रसिद्ध है। वहीं छिंदवाड़ा, सिवनी और मंडला जिलों में दशहरी और लंगड़ा आम का बंपर उत्पादन होता है। इसके अलावा खरगोन, बड़वानी और धार जिलों में केसर और तोतापरी आम की खेती का दायरा बहुत तेज़ी से बढ़ रहा है। रीवा, सतना और शहडोल क्षेत्र भी आम की बेहतरीन फसलों के लिए जाने जाते हैं।

आम के उत्पादन को बढ़ाने में जुटी सरकार:
उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण आयुक्त अरविंद कुमार दुबे ने बताया कि मध्य प्रदेश में आम के बागानों और इसके उत्पादन को लेकर लगातार सकारात्मक बदलाव आ रहे हैं। साल 2025-26 में प्रदेश में कुल 105 लाख 33 हजार 759 मीट्रिक टन फलों का उत्पादन दर्ज किया गया था, जिसमें से अकेले आम का उत्पादन ही 9 लाख 57 हजार 939 मीट्रिक टन रहा है।
राज्य सरकार का पूरा ध्यान अब किसानों की आमदनी को और ज़्यादा बढ़ाने पर है। इसके लिए ‘प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना’ के तहत आम पर आधारित प्रोसेसिंग यूनिट्स (खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों) को बढ़ावा दिया जा रहा है।
इस महोत्सव के ज़रिए आम की खेती करने वाले किसानों को आधुनिक तकनीकों, बेहतर मार्केटिंग और वैल्यू एडिशन (मूल्य संवर्धन) के तरीक़ों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी जाएगी, ताकि वे अपनी फसल का सही दाम पा सकें।


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