मध्य प्रदेश में बिजली का नया झटका :1 अप्रैल से लागू हो रही है नई दरें

khabar pradhan

संवाददाता

27 March 2026

अपडेटेड: 7:30 PM 0thGMT+0530

मध्य प्रदेश में बिजली का नया झटका :1 अप्रैल से लागू हो रही है नई दरें


27 मार्च 2026:
मध्य प्रदेश:

मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने  की बिजली टैरिफ में 4.80% की वृद्धि:


मध्य प्रदेश की जनता को महंगाई का एक और झटका लगने जा रहा है। रसोई गैस और अन्य चीजों की बढ़ती कीमतों के बाद अब बिजली की दरों में भी बढ़ोतरी की जा रही है। मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नया टैरिफ जारी किया है।  जिसके तहत बिजली दरों में करीब 4.80 प्रतिशत की वृद्धि की गई है और यह नई दरें 1 अप्रैल 2026 से लागू की जाएगी ।‌यह नई दरें लागू होने से इसका असर प्रदेश के करीब डेढ़ करोड़ घरेलू उपभोक्ताओं पर पड़ने की उम्मीद है।

प्रदेश के 1.90 करोड़ उपभोक्ता होंगे प्रभावित:
नए टैरिफ से अब हर माह 200 यूनिट बिजली खर्च करने वाले उपभोक्ताओं को ₹80 और 600 यूनिट बिजली जलाने वाले उपभोक्ताओं को 236 रुपए अधिक चुकाने होंगे । इससे प्रदेश के 1.90 करोड़ उपभोक्ता प्रभावित होंगे, जिनमें 1.50 करोड़ घरेलू उपभोक्ता है। इनमें से प्रीपेड मीटर वाले उपभोक्ताओं के लिए छूट और प्रोत्साहन जारी रहेंगे । सौर ऊर्जा उपयोग करने वालों को ऊर्जा प्रभार में 20% की छूट मिलती रहेगी । हरित ऊर्जा टैरिफ में पहले जैसी कमी रहेगी।
इन दरों में बढ़ोतरी से सबसे ज्यादा असर गर्मियों के मौसम में पड़ने वाला है । क्योंकि गर्मी के दिनों में एसी, कूलर और अन्य बिजली के उपकरणों का इस्तेमाल बढ़ जाता है।  ऐसे में बिजली  की ज्यादा खपत करने वाले उपभोक्ताओं को भारी बिल का सामना करना पड़ सकता है।

थोड़ी है राहत की खबर:
इस महीने बिजली बिल में थोड़ी राहत भी मिल सकती है ।फ्यूल एंड पावर परचेज सरचार्ज को -0.63% रखा गया है। यानी ऊर्जा शुल्क में थोड़ी कमी हो सकती है । लेकिन यह राहत सिर्फ यूनिट के चार्ज पर ही लागू होगी । फिक्स्ड चार्ज ड्यूटी सेस या बाकी शुल्क पर कोई असर नहीं पड़ेगा । यानी दर बढ़ने के बावजूद इस महीने के बिल में थोड़ी राहत दिख सकती है । लेकिन कुल बिल पर असर सीमित ही रहेगा।

पीक आवर्स में आएगा ज्यादा बिल:

बिजली का बिल सिर्फ यूनिट नहीं बल्कि बिजली का इस्तेमाल हम किस समय कर रहे हैं, उस पर ज्यादा निर्भर करेगा। टीओडी व्यवस्था के तहत दिन में बिजली सस्ती और शाम को 6 से रात 10:00 बजे के बीच बिजली महंगी होगी । यानी यदि एसी, कूलर और वाशिंग मशीन जैसे उपकरण अगर हम दिन में इस्तेमाल करेंगे तो बिल कम आएगा।  लेकिन यदि हम पीक टाइम यानी 6 से 10:00 बजे के बीच इस्तेमाल करेंगे तो यह बिजली का बिल 10 से 20% तक बढ़ सकता है । स्मार्ट मीटर लगने के साथ यह व्यवस्था धीरे-धीरे सभी घरों में लागू की जाएगी।

उपभोक्ताओं के पास अब क्या है विकल्प:
यदि घर का स्वीकृत लोड जरूरत से ज्यादा है तो उसे कम कर लें । फिक्स्ड चार्ज इसी लोड के आधार पर तय किया जाता है।
इसके अलावा शाम से रात 10:00 बजे के बीच भारी उपकरण  जैसे एसी, गीजर या मोटर का उपयोग कम से कम करने की कोशिश करें।‌ क्योंकि पीक आवर्स में यह महंगा पड़ेगा । स्मार्ट मीटर के दौर में इस समय बिजली महंगी होगी।

कमर्शियल इंडस्ट्रीज और कृषि उपभोक्ताओं के लिए कितनी महंगी है बिजली:
1..कमर्शियल घरों में औसतन चार से पांच प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है । कमर्शियल उपभोक्ताओं के लिए 7.80 रुपए से बढ़कर 8.15 प्रति यूनिट के आसपास की गई है।
2..इंडस्ट्रीज के क्षेत्र में बढ़ोतरी सीमित रखी गई है।  करीब तीन से चार प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई है। कई मामलों में 6.30 से बढ़कर 6.50 तक और 6.60 से 6.80 तक प्रति यूनिट के दायरे में पहुंची है जिससे लागत में असर न पड़े।
3..कृषि उपभोक्ताओं के लिए भी टैरिफ में चार से पांच प्रतिशत की वृद्धि की गई है।  किसानों पर इसका असर सीमित रहेगा ,क्योंकि बिजली बिल का बड़ा हिस्सा राज्य सरकार सब्सिडी के रूप में वहन करती है।

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