मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का एक अहम फैसला :सिर्फ चार्ज शीट दाखिल होने से नहीं जाएगी नौकरी:
संवाददाता
13 March 2026
अपडेटेड: 11:46 PM 0thGMT+0530
13 March 2026
मध्य प्रदेश के हाईकोर्ट ने एक अहम फैसला देते हुए साफ किया है कि किसी भी कर्मचारी के खिलाफ यदि सिर्फ FIR या चार्जशीट दाखिल की जाती है तो उसकी नौकरी नहीं जा सकती। दरअसल कोर्ट ने एक दहेज प्रताड़ना के मामले में फंसे हुए एक होमगार्ड सैनिक को बड़ी राहत देते हुए उसे सेवा से हटाने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि जब तक किसी भी व्यक्ति को कोर्ट द्वारा दोषी करार नहीं दिया जाता तब तक सिर्फ FIR या चार्जशीट के आधार पर नौकरी से हटाना उचित नहीं माना जा सकता।
क्या है पूरा मामला:
मध्य प्रदेश के गुना जिले में तैनात के होमगार्ड सैनिक से जुड़ा हुआ यह मामला है। जिसमें सैनिक की पत्नी ने उसके खिलाफ दहेज प्रताड़ना और क्रूरता का मामला दर्ज कराया । पुलिस ने जांच के बाद कोर्ट में चार्जशीट पेश की । इसके बाद पुलिस विभाग ने सैनिक को सेवा से हटाने का आदेश जारी कर दिया। सैनिक ने इसी आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी। इस होमगार्ड सैनिक ने इस सेवा से हटाने के आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती देते हुए कहा कि इस मामले में उचित प्रक्रिया और बड़े अधिकारियों की मंजूरी नहीं दी गई है।
पत्नी ने लगाया दहेज प्रताड़ना का केस:
कोर्ट में जानकारी दी गई कि पति-पत्नी के बीच वैवाहिक विवाद के कारण पत्नी ने दहेज प्रताड़ना की शिकायत दर्ज कराई थी। पत्नी ने अक्टूबर 2024 में इस सैनिक के खिलाफ सिपहिया दर्ज कराई जिसमें दहेज प्रार्थना और पति द्वारा कुर्ता की शिकायत दर्ज करें पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट पेश कर दी। इसी पुलिस विभाग में सैनिक को नौकरी का से हटाने का आदेश जारी कर दिया। इस आदेश को गलत बताया और हाई कोर्ट में इस आदेश को चुनौती दी।
हाई कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए साफ संकेत दिया कि जब तक व्यक्ति पर अपराध साबित नहीं हो जाता तब तक उसे सेवा से या नौकरी से नहीं हटाया जा सकता। हाई कोर्ट ने साफ कहा की जब तक किसी को दोषी न ठहराया जाए तब तक उसकी नौकरी बरकरार रहे।
क्या है पूरा मामला:
मध्य प्रदेश के गुना जिले में तैनात के होमगार्ड सैनिक से जुड़ा हुआ यह मामला है। जिसमें सैनिक की पत्नी ने उसके खिलाफ दहेज प्रताड़ना और क्रूरता का मामला दर्ज कराया । पुलिस ने जांच के बाद कोर्ट में चार्जशीट पेश की । इसके बाद पुलिस विभाग ने सैनिक को सेवा से हटाने का आदेश जारी कर दिया। सैनिक ने इसी आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी। इस होमगार्ड सैनिक ने इस सेवा से हटाने के आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती देते हुए कहा कि इस मामले में उचित प्रक्रिया और बड़े अधिकारियों की मंजूरी नहीं दी गई है।
पत्नी ने लगाया दहेज प्रताड़ना का केस:
कोर्ट में जानकारी दी गई कि पति-पत्नी के बीच वैवाहिक विवाद के कारण पत्नी ने दहेज प्रताड़ना की शिकायत दर्ज कराई थी। पत्नी ने अक्टूबर 2024 में इस सैनिक के खिलाफ सिपहिया दर्ज कराई जिसमें दहेज प्रार्थना और पति द्वारा कुर्ता की शिकायत दर्ज करें पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट पेश कर दी। इसी पुलिस विभाग में सैनिक को नौकरी का से हटाने का आदेश जारी कर दिया। इस आदेश को गलत बताया और हाई कोर्ट में इस आदेश को चुनौती दी।
हाई कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए साफ संकेत दिया कि जब तक व्यक्ति पर अपराध साबित नहीं हो जाता तब तक उसे सेवा से या नौकरी से नहीं हटाया जा सकता। हाई कोर्ट ने साफ कहा की जब तक किसी को दोषी न ठहराया जाए तब तक उसकी नौकरी बरकरार रहे।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का एक अहम फैसला :सिर्फ चार्ज शीट दाखिल होने से नहीं जाएगी नौकरी:
13 March 2026
मध्य प्रदेश के हाईकोर्ट ने एक अहम फैसला देते हुए साफ किया है कि किसी भी कर्मचारी के खिलाफ यदि सिर्फ FIR या चार्जशीट दाखिल की जाती है तो उसकी नौकरी नहीं जा सकती। दरअसल कोर्ट ने एक दहेज प्रताड़ना के मामले में फंसे हुए एक होमगार्ड सैनिक को बड़ी राहत देते हुए उसे सेवा से हटाने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि जब तक किसी भी व्यक्ति को कोर्ट द्वारा दोषी करार नहीं दिया जाता तब तक सिर्फ FIR या चार्जशीट के आधार पर नौकरी से हटाना उचित नहीं माना जा सकता।
क्या है पूरा मामला:
मध्य प्रदेश के गुना जिले में तैनात के होमगार्ड सैनिक से जुड़ा हुआ यह मामला है। जिसमें सैनिक की पत्नी ने उसके खिलाफ दहेज प्रताड़ना और क्रूरता का मामला दर्ज कराया । पुलिस ने जांच के बाद कोर्ट में चार्जशीट पेश की । इसके बाद पुलिस विभाग ने सैनिक को सेवा से हटाने का आदेश जारी कर दिया। सैनिक ने इसी आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी। इस होमगार्ड सैनिक ने इस सेवा से हटाने के आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती देते हुए कहा कि इस मामले में उचित प्रक्रिया और बड़े अधिकारियों की मंजूरी नहीं दी गई है।
पत्नी ने लगाया दहेज प्रताड़ना का केस:
कोर्ट में जानकारी दी गई कि पति-पत्नी के बीच वैवाहिक विवाद के कारण पत्नी ने दहेज प्रताड़ना की शिकायत दर्ज कराई थी। पत्नी ने अक्टूबर 2024 में इस सैनिक के खिलाफ सिपहिया दर्ज कराई जिसमें दहेज प्रार्थना और पति द्वारा कुर्ता की शिकायत दर्ज करें पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट पेश कर दी। इसी पुलिस विभाग में सैनिक को नौकरी का से हटाने का आदेश जारी कर दिया। इस आदेश को गलत बताया और हाई कोर्ट में इस आदेश को चुनौती दी।
हाई कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए साफ संकेत दिया कि जब तक व्यक्ति पर अपराध साबित नहीं हो जाता तब तक उसे सेवा से या नौकरी से नहीं हटाया जा सकता। हाई कोर्ट ने साफ कहा की जब तक किसी को दोषी न ठहराया जाए तब तक उसकी नौकरी बरकरार रहे।