10 मार्च 2026
मध्य प्रदेश में सरकारी अधिकारी और कर्मचारियों द्वारा दफ्तर के समय का पालन न करने की शिकायतों के बाद राज्य सरकार सख्त रुख अपना सकती है। लगातार चेतावनी के बावजूद समय पर कार्यालय न पहुंचने की स्थिति को देखते हुए सरकार कोरोना काल से लागू दो दिन के साप्ताहिक अवकाश की व्यवस्था खत्म करने पर विचार कर रही है।

संभावना है कि जल्द ही सरकारी कार्यालय सप्ताह में छह दिन खोले जाएं। इस संबंध में शासन स्तर पर निर्णय लिया जा सकता है।

सामान्य प्रशासन विभाग ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर मंत्रालय वल्लभ भवन सहित अन्य सरकारी दफ्तरों में कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति को लेकर सख्ती शुरू कर दी है। विभाग नियमित रूप से विभाग प्रमुखों से उनके अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों के कार्यालय आने और जाने की रिपोर्ट भी मांग रहा है।

सरकार जल्द ही इन रिपोर्टों की समीक्षा करेगी, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि कर्मचारी कार्यालयीन समय का पालन कर रहे हैं या नहीं। यदि रिपोर्ट संतोषजनक नहीं रही तो पूरे प्रदेश में छह कार्यदिवसीय व्यवस्था लागू की जा सकती

कोरोना के दौरान शुरू हुई पांच दिवसीय व्यवस्था अब तक जारी

सरकारी कार्यालयों में वर्तमान में लागू दो दिवसीय साप्ताहिक अवकाश की व्यवस्था कोरोना महामारी के समय से चली आ रही है। कोरोना की दूसरी लहर के बाद 26 अप्रैल 2021 को मंत्रालय सहित राज्य स्तरीय कार्यालयों में केवल 10 प्रतिशत कर्मचारियों को बुलाने का निर्णय लिया गया था।

इसके बाद 1 जून 2021 से सभी सरकारी कार्यालयों को 100 प्रतिशत अधिकारियों और 50 प्रतिशत कर्मचारियों की उपस्थिति के साथ संचालित करने के आदेश जारी किए गए। धीरे-धीरे स्थिति सामान्य होने पर 22 जुलाई 2021 से कार्यालयों को सोमवार से शुक्रवार तक पूरी क्षमता के साथ चलाने का निर्देश दिया गया और शनिवार को अवकाश रखा गया।

इसके बाद भी इस व्यवस्था की समय-सीमा लगातार बढ़ाई जाती रही। 20 दिसंबर 2022 को जारी आदेश में पांच दिवसीय कार्य प्रणाली को अगले आदेश तक प्रभावी रखने का निर्णय लिया गया, जो फिलहाल अब भी लागू है।


समय पालन नहीं हुआ तो मप्र में लागू होगा छह दिन का कार्य सप्ताह: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि यदि समय पालन में सुधार नहीं हुआ तो राज्य में छह दिन का कार्य सप्ताह लागू किया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि हाल ही में मंत्रालय में कार्यालयीन समय के अनुसार कर्मचारियों की उपस्थिति का आकस्मिक निरीक्षण कराया गया था। इसी तरह जिला स्तर पर भी कलेक्टरों को अपने स्तर पर अचानक निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यालयों में समय पालन सुनिश्चित करने के लिए यह प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी। यदि कर्मचारियों की उपस्थिति और समय पालन में सुधार नहीं दिखता है, तो सरकार छह कार्यदिवसीय सप्ताह लागू करने का निर्णय ले सकती है।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी कार्यालयों में आम नागरिकों को बेहतर और सुगम सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार का मुख्य उद्देश्य है।