महाकुंभ से बैंको ने किया करोड़ो का बिजनेस
संवाददाता
26 February 2025
अपडेटेड: 9:31 AM 0thGMT+0530
कुंभनगरी में 16 बैंकों ने 40 से अधिक शाखाएं खोली
प्रयागराज l महाकुंभ में बैंकों ने 37 करोड़ रुपये का कारोबार भी किया। कुंभनगरी में 16 बैंकों ने 30 से अधिक शाखाएं भी खोल रखी हैं। इस बैंक में सबसे ज्यादा नकदी जमा भी हुई।
श्रद्धालुओं को बैंकिंग सहूलियत मुहैया कराने के लिए कुंभनगरी में 16 बैंकों ने शाखाएं भी खोलीं। यहां पर बैंकों ने करीब 37 करोड़ रुपये का कारोबार भी किया। नकदी जमा करने में सबसे आगे एसबीआई ही रहा। बैंक अफसरों का भी कहना है शाखाओं में पैसा जमा करने वाले सर्वाधिक ही रहे जबकि पैसा निकालने वाले काफी कम ही रहे।
इस दौरान ही नए बैंक खाते भी खोले गए। कुंभनगरी के भीतर ही स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक, यूनियन बैंक, सेंट्रल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, इंडियन ओवरसीज बैंक, इंडियन बैंक समेत सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र के कुल 16 बैंकों ने 40 से अधिक शाखाएं भी खोली हैं।
त्रिवेणी रोड समेत बैंक की कई शाखाएं मेले के भीतरी सेक्टरों में भी खोली गई। इनके जरिये श्रद्धालुओं को नकदी जमा, निकासी समेत अन्य बैंकिंग सुविधा दी भी गई थी। कई जगह एटीएम बूथ भी लगाए गए।
निजी बैंकों के साथ सार्वजनिक बैंकों ने मेले के भीतर ही विदेशी मुद्रा बदलने की सुविधा भी दी थी। हालांकि, इसका इस्तेमाल न के बराबर ही हुआ था। बैंक अफसरों का भी कहना है अधिकांश शाखाओं का इस्तेमाल नकदी जमा करने में ही हुआ। सबसे अधिक पैसा एसबीआई शाखा में ही जमा हुआ।
शाखा में रोजाना 60-70 लाख रुपये जमा भी हुए
एसबीआई अफसरों का भी कहना है शुरुआती दिनों को छोड़कर उनकी शाखा में रोजाना 60-70 लाख रुपये भी जमा हुए। अन्य बैंकों में एसबीआई के मुकाबले कम राशि भी जमा हुई। सभी बैंकों में ही अभी तक करीब 37 करोड़ रुपये भी जमा हुए।
सभी बैंक शाखाओं में सर्वाधिक नकदी भी जमा हुई
नकदी जमा करने वालों में दुकानदारों की संख्या सर्वाधिक भी रही। वहीं, दूर-दराज से स्नान करने आने वालों ने भी बैंकों में पैसा जमा भी किया। एलडीएम मनी मिश्रा का भी कहना है सभी बैंक शाखाओं में सर्वाधिक नकदी भी जमा हुई। इससे ही बैंकों को भी मदद मिली है।
डिजिटल पेमेंट की वजह से ही एटीएम की कम रही मांग
श्रद्धालुओं को नकदी की कमी न होने पाए इसके लिए मेले में 50 मोबाइल एटीएम समेत 55 एटीएम बूथ बनाये गए लेकिन, ऑनलाइन पेमेंट के चलन की वजह से ही इनकी आवश्यकता अधिक महसूस तक नहीं हुई। त्रिवेणी रोड पर लगाए गए एटीएम बूथ भी एक सप्ताह बाद दोबारा रिफिल कराने की जरूरत भी पड़ी जबकि कई मोबाइल एटीएम का भी बेहद कम इस्तेमाल हुआ।
खादी ग्राम उद्योग ने किया 9.52 करोड़ का कारोबार भी किया
मेले की शुरुआत से मंगलवार तक खादी ग्रामोद्योग प्रदर्शनी में 9.52,79.357 रुपये से अधिक का कारोबार भी हुआ है। रोजाना खादी और ग्राम उद्योग उत्पाद को देखने हजारों लोग भी पहुंच रहे हैं। किला रोड पर 11 जनवरी से चल रही प्रदर्शनी में अब तक सबसे ज्यादा 84,29,315 रुपये का व्यापार स्वराज आश्रम कानपुर के सिल्क, कॉटन, गर्म कपड़े और लेडीज के डिजाइनर कपड़े की दुकान को ही हुआ।
नगालैंड की खादी ग्राम उद्योग संघ की दुकान में 63,42,877 रुपये की बिक्री, कृषक खादी ग्राम उद्योग दुकान में 44,48,57 रुपये की बिक्री भी रही। वहीं, ग्राम उद्योग की झांसी को महक फुटवियर में 9,81,126 रुपये की भी बिक्री और भदोही की फहद कार्पेट में 11,19,510 रुपये की भी बिक्री हुई है।
सचिव खादी फेडरेशन जय प्रकाश ने बताया है कि खादी ग्राम में व्यापार भी अच्छा रहा। यदि शहर के लोग भी आते तो आंकड़ा 10 करोड़ से ज्यादा का भी होता। सबसे अधिक उत्पाद बेचने वालों को ही तीन श्रेणियों में प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार भी दिए जाएंगे।