महाशिवरात्रि पर शिवमय हुआ शहर:50 से अधिक स्थानों से निकली शिव बारात -150 से अधिक जगह हुए भंडारे

khabar pradhan

संवाददाता

16 February 2026

अपडेटेड: 7:10 PM 0thGMT+0530

महाशिवरात्रि पर शिवमय हुआ शहर:50 से अधिक स्थानों से निकली शिव बारात -150 से अधिक जगह हुए भंडारे

ओम नमः शिवाय और महामृत्युंजय मंत्रों के बीच हुआ रुद्राभिषेक:

महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर भोपाल शहर के विभिन्न शिव मंदिरों में आस्था का संगम देखने को मिला । भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए सुबह से ही भक्तों का तांता हर शिव मंदिर में दिखाई दिया।

बम बम भोले के जय घोष से डमरू डीजे और ढोल की थाप पर शिवभक्तों की टोली निकली। महाशिवरात्रि के पर्व पर जगह-जगह सड़के और गलियां शिव के बारातिया से भरी हुई थी। कहीं चांदी के नंदी पर सवार होकर,कभी फूलों के रथ में भोलेनाथ को विराजमान किया गया था।  शहर में करीब 30 से अधिक स्थानों पर शिव बारात निकाली गई।  जिसमें आकर्षक झांकियां ,देवी देवताओं की पोशाक में श्रद्धालु और शिवगण शामिल थे।

गुफा मंदिर नेवरी मंदिर में भारी भीड़:
शहर के लाल घाटी गुफा मंदिर नेवरी के मनोकामेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं की  भारी भीड़ देखने को मिली । गुफा मंदिर परिसर में मेला लगा रहा । इसी बीच नेवरी के प्राचीन शिवालय में सुबह से रात तक श्रद्धालु पहुंचे । शाम को सुंदरकांड और भोलेनाथ का विशेष श्रृंगार किया गया।
इसी प्रकार पिपलेश्वर मंदिर, सिद्धेश्वर मंदिर -नेहरू नगर ,सोमेश्वर मंदिर, पीडब्लूडी क्वार्टर माता मंदिर ,नट बाबा मंदिर नर्मदा पुरम रोड, भूतनाथ मंदिर, काशी विश्वनाथ मंदिर, जलेश्वर मंदिर सहित अन्य मंदिरों में भारी भीड़ देखने को मिली।

भोजपुर मंदिर:
भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए सुबह से ही भोजपुर मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहा।  जो देखते ही देखते एक लाख से अधिक की भीड़ में तब्दील हो गया।  मंदिर प्रांगण से करीब तीन किलोमीटर दूर तक सड़कों पर श्रद्धालुओं की लंबी क़तारें लगी रही।  जिससे पूरा क्षेत्र ‘हर हर महादेव’ की जय घोष से गूंजायमान होता रहा।

श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस जिला प्रशासन और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने चाक चौबंद व्यवस्था की थी सुरक्षा और उसकी व्यवस्था के मध्य नजर भोपाल की ओर से आने वाले वाहनों को पार्वती माता मंदिर के पास ही रोक दिया गया था।  भीड़ के दबाव को देखते हुए इस वर्ष प्रशासन ने एक बड़ी और अच्छी पहल की।
गर्भ ग्रह में प्रवेश के बजाय मंदिर प्रांगण में एक ऊंचे मंच की व्यवस्था की गई । जहां से श्रद्धालुओं ने शिवलिंग के दर्शन किये।

मंदिर के महंत पवन गिरी महाराज ने बताया कि भगवान भोजेश्वर का विशेष पंचामृत अभिषेक किया गया श्रृंगार और महा आरती संपन्न की गई भोजपुर मंदिर की प्राचीन स्थापत्य कला और आध्यात्मिक महत्व के कारण यहां हर वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। सभी शिव भक्तों ने कतारबद्ध होकर शांतिपूर्ण ढंग से भगवान का आशीर्वाद प्राप्त किया।  शाम तक दर्शन का सिलसिला चलता रहा।  जिसे सफल बनाने में स्थानीय स्वयंसेवकों और सुरक्षा बलों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

रातापानी के कैरी के महादेव मंदिर में:

भोपाल से 24 किलोमीटर दूर रातापानी टाइगर रिजर्व की घाटी में बसे करी के महादेव मंदिर में महाशिवरात्रि पर आस्था का सैलाब उमर पाड़ा लोग मोटरसाइकिल से ट्रैक्टर और कारों से बड़ी संख्या में यहां श्रद्धालु पहुंचे जिसमें महिलाओं की संख्या भी अधिक रही इस मंदिर की मान्यता है कि यहां विशाल आम के वृक्षों की जड़ों से 12 महीने जलधारा बहती है। यह मंदिर साल में दो बार  ही खुलता है।

बड़वाले  महादेव मंदिर:
बडवाले महादेव मंदिर से शिव बारात निकाली गई इसमें रजत रथ नदी पर भगवान बटेश्वर विराजमान थे सुबह 11 बजे इस बारात में मुख्यमंत्री मोहन यादव केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित कई अन्य लोग शामिल थे भगवान के रथ को श्रद्धालु खींच रहे थे। बारात में विभिन्न देवी देवताओं ,पहाड़ पर भूतेश्वर की झांकी, बटेश्वर भक्त मंडल और महिला मंडल का डमरू डाल आदिवासी नृत्य आदि शामिल थे। मंदिर से प्रारंभ हुई यह बारात सिंधी मार्केट, जवाहर चौक जुमेराती ,हनुमानगंज , मंगलवारा, इतवारा, चिंतामन चौराहा, चौक लखेरपुरा, होती हुई आधी रात तक भवानी मंदिर सोमवारा पहुंची।
मंदिर समिति के संजय अग्रवाल प्रमोद नेमा ने बताया कि 100 से अधिक स्थानों पर इस शिव बारात का स्वागत सत्कार हुआ।
महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर ललिता नगर कोलार रोड में बर्फ से शिवलिंग बनाया गया।  बड़ी संख्या में लोग यहां उपस्थित थे।  सभी ने श्रद्धा भाव से पूजा अर्चना की।
एमपी नगर गायत्री शक्तिपीठ में पार्थिव शिवलिंग का निर्माण कर पूजा अर्चना और हवन किया गया।
अमरनाथ धर्मार्थ सेवा समिति द्वारा आदर्श नगर सेवा बस्ती शिव मंदिर से बारात निकाली और यहां भंडारा भी हुआ।
शनि धाम अवधपुरी में बाबा बर्फानी का 21 लीटर दूध से रुद्राभिषेक किया गया।
ओम नगर से आकर्षक शिव बारात निकाली गई।
पहाड़ी वाली मंदिर कोलार में ब्रह्मकुमारीज में शिव दर्शन की प्रदर्शनी लगाई।
नेहरू नगर स्थित सिद्धेश्वर शिव मंदिर से सिद्धेश्वरी दुर्गा मंदिर तक बारात निकाली गई
कोलार में शिव बारात का स्वागत किया गया । जिसमें अनेक झांकियां शामिल थी।
पीजीबीटी रोड पर शिव मंदिर में धार्मिक अनुष्ठान हुए।  यहां  खीर, फलाहारी का वितरण किया गया।
नर्मदा पुरम रोड पर ग्राम रतनपुर में भक्तों ने शिव बारात निकालकर महाशिवरात्रि पर्व मनाया।  बारात राम मंदिर रतनपुर से शुरू होकर शिव मंदिर तक निकाली गई।  इस दौरान बड़ी संख्या में भक्त मौजूद थे।  लोग जय भोलेनाथ की जयकारे लगाते हुए नाचते गाते बारात में शामिल  हुए।
महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर रोशनपुरा चौराहे पर भक्ति संध्या का आयोजन किया गया । कार्यक्रम शाम 6:00 बजे से शुरू होकर देर रात तक चला । इसमें विभिन्न कलाकारों ने प्रस्तुति दी थी।
मुख्य गायक ऋतुराज सक्सेना, आशुतोष पांडे, रिचा निगम और पूरन प्रजापति ने भजनों से माहौल को शिवमय बना दिया। इस कार्यक्रम का संचालन रोशनी तनवानी ने किया।

ओम कोलार सांस्कृतिक विकास समिति के प्रयास महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर एक शाम भोले के नाम भजन संध्या के आयोजन किया गया।  समिति के संरक्षण गायत्री प्रसाद शर्मा ने बताया कि महाशिवरात्रि पर यह आयोजन किया गया है ।‌यह कार्यक्रम रविवार को बीमा कुंज में रोड पर शाम 7:00 से किया गया।‌ इसमें भजन गायिका बाली ठाकरे और रिजा खान ने भजन संध्या का आयोजन किया ।‌यहां अघोरी नृत्य प्रस्तुत किए गए । समिति के प्रशांत गुरुदेव संजय श्रीवास्तव, अरुण खुरुपिया, महेंद्र सिंह परमार धीरज सोमकुवंर अजीत सक्सेना, राजेंद्र शर्मा, संजय ठाकरे सहित कई अन्य पदाधिकारियों का इसमें भरपूर सहयोग रहा।
कोलार के कृष्ण प्रिया दरबार में शिव बारात का आयोजन किया गया।  संयोजक सुनील वर्मा ने बताया कि दोपहर 2:00 बजे भगवान शिव का रुद्राभिषेक ,शाम 5:00 बजे भव्य शिव बारात और रात 9:00 बजे भजन संध्या का आयोजन किया गया।  इस दौरान विशेष पूजा अर्चना ,भजन ,कीर्तन के साथ आकर्षक शिव बारात प्रतीक शास्त्री के सानिध्य में निकाली गई। सोमवार को होने वाले भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।

श्री पारदेश्वर मंदिर:
इस मंदिर में 21000 के सोने की भस्म और 80000 रुपए के पार से शिव जी का अभिषेक किया गया यहां पंचाक्षरी मंत्र के जाप किए गए और चार पहर  की पूजा के बाद महा आरती हुई।

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