मेहुल चोकसी की बेल्जियम में गिरफ्तारी

khabar pradhan

संवाददाता

14 April 2025

अपडेटेड: 12:39 PM 0thGMT+0530

जानें PNB घोटाले से लेकर भगोड़े तक होने की पूरी कहानी

भारत के भगोड़े हीरा व्यापारी मेहुल चोकसी को 12 अप्रैल 2025 को बेल्जियम में गिरफ्तार किया गया। भारत सरकार के प्रत्यर्पण अनुरोध के बाद बेल्जियम पुलिस ने यह कार्रवाई की। चोकसी पर पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में 13,500 करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले का आरोप है। यह घटना बेल्जियम के एंटवर्प शहर में हुई, जहां चोकसी अपनी पत्नी प्रीति चोकसी के साथ रह रहे थे। भारतीय जांच एजेंसियों को पिछले साल पता चला था कि चोकसी बेल्जियम में हैं, जिसके बाद प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू की गई।
चोकसी की गिरफ्तारी 12 अप्रैल 2025 को हुई। बेल्जियम के संघीय न्याय सेवा ने 14 अप्रैल को इसकी पुष्टि की। भारतीय एजेंसियों ने मार्च 2025 में चोकसी के बेल्जियम में होने की जानकारी दी थी, जिसके बाद यह कार्रवाई हुई। मेहुल चोकसी: मुख्य आरोपी, PNB घोटाले में वांछित भगोड़ा व्यापारी। भारतीय जांच एजेंसियां: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने चोकसी के खिलाफ कार्रवाई शुरू की। बेल्जियम पुलिस: चोकसी को गिरफ्तार करने वाली स्थानीय कानून प्रवर्तन एजेंसी।

विजय अग्रवाल: चोकसी के वकील, जो प्रत्यर्पण के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं।
नीरव मोदी: चोकसी का भांजा, जो इस घोटाले में सह-आरोपी है और वर्तमान में लंदन में हिरासत में है।

क्यों हुआ?
चोकसी 2018 में भारत से फरार हो गए थे, जब PNB घोटाला सामने आया। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने भांजे नीरव मोदी और PNB के कुछ अधिकारियों के साथ मिलकर फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (LoUs) और फॉरेन लेटर ऑफ क्रेडिट (FLCs) के जरिए बैंक को हजारों करोड़ का नुकसान पहुंचाया। भारत ने चोकसी को वापस लाने के लिए कई देशों में प्रयास किए, और बेल्जियम में उनकी मौजूदगी की पुष्टि होने के बाद प्रत्यर्पण अनुरोध भेजा गया।

कैसे हुआ?
PNB घोटाला (2014-2017): चोकसी और उनके सहयोगियों ने PNB की मुंबई शाखा से फर्जी LoUs और FLCs हासिल किए, जिससे बैंक को 13,850 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
भारत से भागना: जनवरी 2018 में चोकसी भारत छोड़कर भाग गए और एंटीगुआ और बारबुडा की नागरिकता ले ली।
पहले की कोशिशें: 2021 में चोकसी डोमिनिका में अवैध प्रवेश के आरोप में पकड़े गए, लेकिन कानूनी दांवपेच के चलते भारत प्रत्यर्पण में नाकाम रहा।
बेल्जियम में ठिकाना: 2024 में चोकसी और उनकी पत्नी ने बेल्जियम में F-रेजिडेंसी कार्ड हासिल किया। भारतीय एजेंसियों ने बेल्जियम अधिकारियों को सूचित किया कि चोकसी स्विट्जरलैंड भागने की योजना बना रहे थे।
गिरफ्तारी: CBI और ED के अनुरोध पर बेल्जियम पुलिस ने चोकसी को हिरासत में लिया।
आगे क्या?
चोकसी की कानूनी टीम, वकील विजय अग्रवाल के नेतृत्व में, प्रत्यर्पण के खिलाफ अपील दायर करने की तैयारी कर रही है। वे दो आधारों पर लड़ाई लड़ेंगे:
राजनीतिक मामला: उनका दावा है कि यह मामला राजनीति से प्रेरित है।
स्वास्थ्य कारण: चोकसी कथित तौर पर कैंसर का इलाज करा रहे हैं और भारत में उनके मानवाधिकारों के उल्लंघन का दावा कर रहे हैं।
भारतीय अधिकारी प्रत्यर्पण के लिए कानूनी रणनीति बना रहे हैं और बेल्जियम की अगली सुनवाई के लिए दल भेजने की योजना है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रक्रिया लंबी हो सकती है, जैसा कि 26/11 हमले के आरोपी तहव्वुर राणा के मामले में हुआ।

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