मोहन कैबिनेट में किसानों के लिए करोड़ों की राशि की मंजूर:
संवाददाता
24 February 2026
अपडेटेड: 8:13 PM 0thGMT+0530
मध्य प्रदेश भोपाल /24 फरवरी 2026
उड़द को बोनस -सरसों को किया भावांतर में शामिल:
मोहन कैबिनेट के अहम फैसले:
मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने आज कैबिनेट बैठक में किसानों के लिए 10 हजार 520 करोड़ की योजनाओं पर मुहर लगाई है।
कैबिनेट की बैठक में लिए गए अहम फैसले:
वंदे मातरम के साथ कैबिनेट की बैठक शुरू हुई और बैठक की अध्यक्षता मोहन यादव कर रहे थे। जिसमें किसानों के लिए बड़े फैसले लिए गए । इस बैठक का मुख्य फोकस किसानों के लिए था । जिसमें किसानों के लिए बोनस और भावांतर राशि की मंजूरी की गई।
इसके अलावा सरकार ने पांच प्रमुख कृषि योजनाओं को 2031 तक जारी रखने का भी फैसला किया। यह योजनाएं 1 अप्रैल 2026 से प्रारंभ होकर 2031 तक चलेंगीं।
इस कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के लिए 2400 करोड रुपए की मंजूरी दी गई । इसमें किसानों को आधुनिक सिंचाई सुविधाओं के लिए अनुदान दिया जाएगा।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा और पोषण में एडमिशन के तहत 3300 करोड रुपए मंजूर किए गए। इसका उद्देश्य धान, गेहूं, दलहन और मोटे अनाज की पैदावार को बढ़ाना है । इसके साथ मिट्टी की उर्वरता को सुधारने की योजना शुरू की जाएगी।
रसायन मुक्त खेती के लिए नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग के लिए 1010 करोड रुपए मंजूर किए गए हैं।
यह योजना पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए किया गया है ।
खाद्य तेलों में आत्मनिर्भरता हेतु राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन ऑयल सीट योजना में 1800 करोड रुपए का लक्ष्य रखा गया है । इससे तिलहन उत्पादक किसानों को बड़ा लाभ मिल सकेगा।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किसानों की समस्याओं पर विचार करने के लिए और किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए विशेष सत्र बुलाने का प्रस्ताव रखा है।
उड़द पर बोनस , और सरसों को किया भावांतर में शामिल:
प्रदेश के किसानों से 6.49 लाख मीट्रिक चना, 6.01 लाख मीट्रिक टन मसूर ,उड़द और तुअर की खरीदी समर्थन मूल्य पर की जाएगी।
सरकार ने केंद्र को प्रस्ताव भेजा है, जिसमें खरीदी 24 मार्च से 30 मार्च के बीच की जाएगी। 20 फरवरी से यह पंजीयन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। और यह 16 मार्च तक चलेगी ।
उड़द पर अलग से प्रस्ताव 600 रुपए बोनस दिया जाएगा । मुख्यमंत्री मोहन यादव ने विधानसभा में सोमवार को किसान कल्याण और कृषि पर यह बात कही।
उन्होंने कहा कि नाफेड और एचसीएफ अपने स्तर पर 1.31 लाख मैट्रिक टन तुअर खरीद सके ,इसके लिए प्रस्ताव भेजा जा रहा है।
6.86 लाख सोयाबीन किसानों को भावांतर योजना के तहत 1454 करोड़ की राशि दी गई । पहली बार सरसों को भी योजना में शामिल किया जाएगा । केंद्र ने एमएसपी 6200 तय किया है।
सरकार चाहती है कि किसान को लाभ मिले ,जिसे उन्हें भावांतर के दायरे में लाया जाएगा।