युवा विधायक सम्मेलन में CM ने कहा-‘भारतीय लोकतंत्र पश्चिमी देशों की नकल नहीं, यह हमारी सभ्यता की देन है’.
संवाददाता
30 March 2026
अपडेटेड: 1:36 PM 0thGMT+0530
30 मार्च 2026
भोपाल:
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज से दो दिवसीय ‘युवा विधायक सम्मेलन’ का भव्य शुभारंभ हुआ। इस सम्मेलन में देश के तीन राज्यों के 63 युवा विधायक एक साथ जुटे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीप प्रज्वलित कर इस कार्यक्रम की शुरुआत की और लोकतंत्र को लेकर एक महत्वपूर्ण दृष्टिकोण साझा किया।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए सीएम मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि भारतीय लोकतंत्र के प्रति दुनिया की सोच और वास्तविकता में बड़ा अंतर है। उनके संबोधन की मुख्य बातें:
* सभ्यता की देन: सीएम ने कहा कि यह एक गलतफहमी है कि हमारा लोकतंत्र पश्चिमी या यूरोपीय देशों से लिया गया मॉडल है। असल में, यह हमारी अपनी प्राचीन सभ्यता और परंपराओं का हिस्सा है।
* गहरी जड़ें: भारतीय लोकतंत्र की जड़ें बहुत पुरानी और गहरी हैं। इसे केवल वोट डालने या सरकार चलाने वाली ‘शासन प्रणाली’ के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
* सांस्कृतिक मूल्य: मुख्यमंत्री के अनुसार, हमारे देश और विशेषकर मध्य प्रदेश के संदर्भ में लोकतंत्र हमारे सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों से गहराई से जुड़ा हुआ है।
तीन राज्यों के 63 प्रतिनिधि शामिल
इस सम्मेलन में कुल 63 युवा विधायक हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें मध्य प्रदेश के 37, राजस्थान के 13 और छत्तीसगढ़ के 13 विधायक शामिल हैं। उद्घाटन के मौके पर एमपी विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी भी मौजूद रहे। कार्यक्रम का मुख्य मकसद लोकतंत्र को और मजबूत बनाना और राजनीति में युवाओं की जिम्मेदारी तय करना है। कार्यक्रम शुरू होने से एक दिन पहले ही विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने खुद सभी तैयारियों का जायजा लिया था।
दो दिनों में होंगे पांच बड़े सत्र
इस पूरे सम्मेलन को पांच हिस्सों (सत्रों) में बांटा गया है। आज पहले दिन तीन सत्र होंगे, जिसमें ‘लोकतंत्र और जनता की भागीदारी बढ़ाने में युवाओं की भूमिका’ पर चर्चा की जा रही है। माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय के कुलपति भी इस विषय पर विधायकों को संबोधित करेंगे। वहीं, कल यानी 31 मार्च को ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य और युवा विधायकों के सामने आने वाली चुनौतियों पर मंथन होगा।
दिग्गज हस्तियों का लगेगा तांता
सम्मेलन में संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भी मेहमान के तौर पर शामिल होंगे। चर्चा है कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी इस कार्यक्रम का हिस्सा बन सकते हैं, जिन्हें विशेष न्योता भेजा गया है। समापन समारोह में राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश जी और पुणे के एमआईटी (MIT) अध्यक्ष डॉ. राहुल कराड भी मौजूद रहेंगे और युवाओं का मार्गदर्शन करेंगे।