19 मई 2026

लखनऊ:

सड़कों पर नमाज बर्दाश्त नहीं:

सीएम योगी आदित्यनाथ का सख्त बयान, कहा- नमाज पढ़नी है तो शिफ्ट में पढ़ें, सड़कें जाम करने के लिए नहीं हैं
उत्तर प्रदेश में त्योहारों के सीजन से ठीक पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून-व्यवस्था और सड़कों पर धार्मिक आयोजनों को लेकर एक बेहद सख्त संदेश दिया है। लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि प्रदेश में सड़कों पर नमाज पढ़ने की अनुमति किसी भी कीमत पर नहीं दी जाएगी। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि लोग अगर प्यार से बात मानेंगे तो बहुत अच्छा है, नहीं तो सरकार दूसरा तरीका अपनाना भी अच्छी तरह जानती है।

शिफ्ट में नमाज पढ़ें, सड़कें जाम न करें
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बातचीत के दौरान एक व्यावहारिक सुझाव भी दिया। उन्होंने कहा कि अगर नमाज पढ़नी ही है, तो इसके लिए एक तय जगह चुनी जाए। अगर नमाज पढ़ने वाले लोगों की संख्या ज्यादा है, तो दो या तीन शिफ्ट में नमाज पढ़ लीजिए, इसमें सरकार को कोई आपत्ति नहीं है और न ही कोई रोकेगा। लेकिन सड़कें आम लोगों के चलने के लिए बनी हैं, किसी भी तरह की अराजकता या भीड़ जुटाकर यातायात को बाधित करने के लिए नहीं। कानून सभी नागरिकों के लिए बराबर है और किसी को भी अव्यवस्था फैलाने की छूट नहीं दी जाएगी।
लोग मुझसे पूछते हैं कि क्या यूपी में अब सड़कों पर नमाज नहीं होती?’
सीएम योगी ने बताया कि अक्सर बाहर के लोग उनसे कौतूहलवश पूछते हैं कि क्या उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में अब सचमुच सड़कों पर नमाज नहीं होती? इस पर उनका सीधा और साफ जवाब होता है— ‘कतई नहीं होती।’ उन्होंने कहा कि सड़कें आम जनता की सुविधा के लिए हैं, किसी को यह अधिकार नहीं है कि वह आकर ट्रैफिक रोके। अगर आपके घर या मस्जिद में जगह कम है, तो नमाज पढ़ने की संख्या को कंट्रोल किया जाना चाहिए।

बरेली की घटना का किया जिक्र
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने बरेली में हुई एक पुरानी घटना का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि बरेली में कुछ लोगों ने कानून को अपने हाथ में लेने की कोशिश की थी और ताकत आजमाने की भूल की थी, लेकिन सरकार ने उन्हें उनकी सही जगह दिखा दी। दरअसल, सितंबर 2025 में बरेली में नमाज के बाद धरना-प्रदर्शन और पथराव की स्थिति बनी थी, जिस पर पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए लाठीचार्ज किया था और हालात पर काबू पाया था। सीएम ने साफ किया कि उत्तर प्रदेश में कानून का राज हर हाल में कायम रहेगा।

दंगों के प्रदेश से ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण तक का सफर
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की बदलती छवि पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि एक समय था जब उत्तर प्रदेश को दंगों, माफिया राज और कट्टरता के लिए जाना जाता था। हर दूसरे दिन दंगे होते थे और बेटियां सुरक्षित महसूस नहीं करती थीं। कानून-व्यवस्था के मामले में यूपी देश के सबसे निचले पायदान वाले राज्यों में गिना जाता था।
लेकिन आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। उत्तर प्रदेश अब दंगा-मुक्त हो चुका है और निवेश के एक बड़े केंद्र के रूप में उभर रहा है। आज राज्य में डिफेंस कॉरिडोर बन रहे हैं, एक्सप्रेसवे का जाल बिछ रहा है और जिस यूपी में कभी बम बनते थे, आज वहां देश की सुरक्षा के लिए ‘ब्रह्मोस मिसाइल’ का निर्माण हो रहा है। उन्होंने साफ किया कि विकास की इस रफ्तार को बनाए रखने के लिए प्रदेश में किसी भी तरह की अराजकता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।