31 अगस्त 2026:
मध्य प्रदेश/ भोपाल/
भोपाल के रविंद्र भवन में सदाबहार नगमों से रविवार की शाम सजी। जहां एक से बढ़कर एक नगमों ने श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। महफिल की सबसे खास बात ये रही कि इस संगीत संध्या में चिकित्सक, अधिकारी और सिंगर सभी एक साथ शामिल थे। शाम छह बजे रवीन्द्र भवन के हंसध्वनि सभागार में आगाज हुआ। गीत गाता चल से कार्यक्रम की शुरुआत हुई। सरिता व गिरीश बंगाली का ‘ये पर्दा हटा दो’, और अस्मत रावत-कर्नल विजय सहगल का ‘ये रातें ये मौसम’ जैसे गीतों ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
ये दिल जो न कह सका गाकर लूटी महफिलः
कार्यक्रम में वरिष्ठ चिकित्सक डॉ टीएन दुबे को गेस्ट और ऑफ ऑनर दिया गया। डॉ. दुबे ने सदाबहार गीत ‘ये दुनिया उसी की’ और ‘दिल जो न कह सका’ पेश कर महफिल लूट ली। इनके भाई इंजीनियर टीएन दुबे ने सुहानी रात ढल चुकी… गाकर आवाज का जादू बिखेरा। ये ये एटोमिक डॉ. सुनील साहनी ने ‘ओ मेरे दिल के चैन की प्रस्तुति दी। डीएसपी अजय मिश्र ने मेरे महबूब कयामत होगी और कर्नल विजय सहगल ने ‘कहना है… गाकर तालियां बटोरीं।
कलाकारों ने ऐसा समा बांधा कि श्रोताओं के थिरके कदम:
इस शाम की दूसरी खासियत रही- मुम्बई से आए कलाकार । सिंगर जमाल खान ने मेरी आवाज सुनो.. ‘जिंदाबाद मोहब्बत जिंदाबाद.. और नीता नगर व अस्मत रावत ने डुएट पेश किया।
गीतोंकी महफ़िल का ऐसा समां बंधा कि श्रोताओं के कदम थिरक उठे। समापन लक्ष्मण सिंह और उनकी टीम ने ‘चलते चलते’ गीत से किया। सभी का आभार प्रदर्शन जताया।


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