राजस्थान में मई में चार दिन अतिरिक्त लू का प्रकोप

khabar pradhan

संवाददाता

1 May 2025

अपडेटेड: 6:22 AM 0stGMT+0530

राजस्थान में मई में चार दिन अतिरिक्त लू का प्रकोप

11 साल का रिकॉर्ड टूटा, जानें कब मानी जाती है हीटवेव

राजस्थान में इस साल मई में लू (हीटवेव) का प्रकोप पिछले 11 साल के रिकॉर्ड को तोड़ने वाला रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, इस मई में सामान्य से चार दिन अधिक लू चली, जिसने गर्मी की तीव्रता को असहनीय बना दिया। बाड़मेर, जोधपुर और बीकानेर जैसे पश्चिमी राजस्थान के इलाकों में तापमान 44-46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि कुछ क्षेत्रों में यह 45 डिग्री को भी पार कर गया। इस गर्मी ने न केवल आम जनजीवन को प्रभावित किया, बल्कि स्वास्थ्य और कृषि पर भी गंभीर असर डाला है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, हीटवेव तब मानी जाती है, जब किसी क्षेत्र का अधिकतम तापमान सामान्य से 4.5 डिग्री सेल्सियस अधिक हो या लगातार दो दिन तक 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहे। राजस्थान में इस साल मई के पहले सप्ताह से ही लू की स्थिति बनी हुई है, और 1 मई से आंशिक राहत की उम्मीद है, जब कुछ इलाकों में आंधी और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। पिछले एक दशक में राजस्थान में गर्मी का पैटर्न बदल रहा है। जहां पहले मई के अंत तक तापमान सामान्य रहता था, वहीं अब अप्रैल से ही लू का प्रभाव शुरू हो जाता है। इस साल बाड़मेर में तापमान ने अप्रैल में ही 45 डिग्री का आंकड़ा छुआ, जो सामान्य से कहीं अधिक है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक जोधपुर और बीकानेर संभाग में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है, जिसमें ऊष्ण रात्रि (वॉर्म नाइट) का भी जिक्र है। इस तीव्र गर्मी का कारण पश्चिमी विक्षोभ की कमी और गर्म पश्चिमी हवाओं का लगातार प्रवाह बताया जा रहा है। हालांकि, 2 मई से पूर्वी राजस्थान में मेघगर्जन और हल्की बारिश की संभावना है, जो गर्मी से कुछ राहत दे सकती है। विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर में बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी है। यह स्थिति न केवल राजस्थान, बल्कि मध्य प्रदेश और गुजरात जैसे पड़ोसी राज्यों में भी गर्मी की गंभीरता को दर्शाती है।

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