18 अप्रैल 2026
नई दिल्ली:
संसद के उच्च सदन यानी राज्यसभा से एक महत्वपूर्ण खबर आई है। जनता दल (यूनाइटेड) के नेता और राज्यसभा के नामित सदस्य हरिवंश को एक बार फिर निर्विरोध उपसभापति चुन लिया गया है। यह लगातार तीसरी बार है जब सदन ने उन पर भरोसा जताया है।
इतिहास में दर्ज हुआ हरिवंश का नाम
इस चयन के साथ ही हरिवंश ने राज्यसभा के इतिहास में अपना नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज करा लिया है। वह देश के पहले ऐसे ‘नामित सदस्य’ (Nominated Member) बन गए हैं, जिन्हें उपसभापति के पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
शुक्रवार को हुई इस चयन प्रक्रिया में कुछ दिलचस्प बातें सामने आईं:
विपक्ष की ओर से हरिवंश के सामने कोई भी उम्मीदवार मैदान में नहीं उतारा गया था। सदन के नेता जेपी नड्डा ने उनके नाम का प्रस्ताव रखा, जिसका एस. फांगनन कोन्याक ने समर्थन किया। कुल पांच प्रस्ताव पेश किए गए, जिन्हें ध्वनिमत से पारित कर दिया गया।
विपक्ष का मिला-जुला रवैया
हालांकि विपक्ष ने अपना कोई प्रत्याशी नहीं खड़ा किया, लेकिन उन्होंने हरिवंश का खुलकर समर्थन भी नहीं किया। समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इस चुनाव प्रक्रिया का विरोध करते हुए बहिष्कार किया, वहीं कांग्रेस इस पूरे मामले पर चुप्पी साधे रही।
चुनाव के बाद राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने आधिकारिक रूप से उनके चयन की घोषणा की। इसके बाद परंपरा निभाते हुए सदन के नेता जेपी नड्डा और विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे स्वयं हरिवंश को उनकी सीट तक लेकर गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें इस बड़ी उपलब्धि पर बधाई दी है।
उपसभापति के रूप में हरिवंश का पिछला कार्यकाल काफी सक्रिय रहा है, और अब तीसरी बार इस कुर्सी पर बैठकर वह सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने की जिम्मेदारी संभालेंगे।


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