राहत की खबर: 93 हज़ार टन एलपीजी लेकर भारत की ओर बढ़े दो जहाज, शुक्रवार तक पहुंचेंगे
संवाददाता
25 March 2026
अपडेटेड: 3:37 PM 0thGMT+0530
25 मार्च 2026
नई दिल्ली l एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत के लिए एक बेहद सकारात्मक खबर है। रसोई गैस (LPG) की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 93,000 टन एलपीजी लेकर आ रहे दो भारतीय जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पार कर चुके हैं। ये दोनों मालवाहक जहाज इसी सप्ताह शुक्रवार तक भारतीय बंदरगाहों पर पहुँच जाएंगे।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने इस बात की पुष्टि की है कि इन जहाजों के आने से देश में एलपीजी आपूर्ति सामान्य बनाने में काफी मदद मिलेगी। इसके अतिरिक्त, मौजूदा संकट को देखते हुए भारत ने अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया से भी एलपीजी खरीदी है, जिसके जहाज अगले 7 से 10 दिनों के भीतर भारतीय तटों पर पहुँचने की उम्मीद है।
जहाजों का विवरण और उनका मार्ग:
मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने एक प्रेस वार्ता में जहाजों की सटीक जानकारी साझा की:
* ‘जग वसंत’ (Jag Vasant): यह जहाज 47,600 टन एलपीजी लेकर आ रहा है और इसके गुरुवार (26 मार्च) शाम तक गुजरात के कांडला बंदरगाह पर पहुँचने की संभावना है। इस जहाज पर 33 भारतीय नाविक सवार हैं।
* ‘पाइन गैस’ (Pine Gas): यह जहाज 45,000 टन एलपीजी लेकर शुक्रवार (27 मार्च) सुबह मंगलौर बंदरगाह पहुंचेगा। इस पर 27 भारतीय क्रू सदस्य तैनात हैं।
घरेलू उत्पादन पर सरकार का ज़ोर:
संयुक्त सचिव ने यह भी स्पष्ट किया कि भले ही एलपीजी आपूर्ति को लेकर कुछ चिंताएं थीं, लेकिन अब घरेलू उत्पादन में वृद्धि कर दी गई है। सभी तेल रिफाइनरियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे अन्य पेट्रोकेमिकल उत्पादों का निर्माण रोककर अपना पूरा ध्यान सिर्फ एलपीजी के उत्पादन पर केंद्रित करें।
गैस आपूर्ति और मांग से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य:
* दैनिक खपत: भारत में रोज़ाना लगभग 55 लाख घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की मांग है। देश में कुल औसतन एलपीजी खपत 80 से 90 हजार टन प्रतिदिन है।
* ऑनलाइन बुकिंग में उछाल: एलपीजी की ऑनलाइन बुकिंग में भारी वृद्धि देखी गई है; यह 84 प्रतिशत से बढ़कर 93 प्रतिशत हो गई है।
* व्यावसायिक आपूर्ति: व्यावसायिक सिलेंडरों (Commercial Cylinders) की आपूर्ति में भी सुधार किया जा रहा है। कुल उत्पादन का 50% राज्यों को आवंटित किया गया है, जिसमें अस्पतालों, होटलों और रेस्टोरेंट को प्राथमिकता दी जा रही है।
* पीएनजी (PNG) की ओर बदलाव: व्यावसायिक और घरेलू उपभोक्ताओं को तेज़ी से पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) पर शिफ्ट किया जा रहा है। अकेले मार्च के महीने में 3.50 लाख से अधिक नए पीएनजी कनेक्शन जारी किए गए हैं।
* शत-प्रतिशत आपूर्ति: वाहनों के लिए सीएनजी (CNG) और घरों के लिए पीएनजी की आपूर्ति 100% सुनिश्चित की जा रही है, जबकि औद्योगिक क्षेत्रों को 80% गैस मिल रही है।
* केरोसिन का अतिरिक्त कोटा: सरकार ने राज्यों के लिए 48 हजार किलोलीटर मिट्टी के तेल (केरोसिन) का अतिरिक्त आवंटन किया है, जिसे 15 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने प्राप्त भी कर लिया है।
अंतरराष्ट्रीय हलचल: ऊर्जा ठिकानों पर हमले को लेकर ईरान की चेतावनी
एक अन्य अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम में, ईरान के पूर्व रिवोल्यूशनरी गार्ड कमांडर और वरिष्ठ सैन्य सलाहकार मोहसिन रेजाई ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि यदि अमेरिका ने ईरान के बुनियादी ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाया, तो ईरान का जवाब ‘आंख के बदले आंख’ नहीं बल्कि ‘आंख के बदले सिर’ होगा। रेजाई ने दावा किया कि अगर अमेरिकी सेना आगे बढ़ती है, तो ईरान फारस की खाड़ी में अमेरिकी जहाजों को निशाना बनाएगा और उनकी सैन्य क्षमता को पंगु कर देगा।