17 अप्रैल 2026

भोपाल:
अगर आप रेलवे की सुविधाओं या कर्मचारियों के खिलाफ बिना वजह या जोश में आकर सोशल मीडिया पर झूठी शिकायत दर्ज कराते हैं, तो अब आप मुश्किल में पड़ सकते हैं। पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल ने रेलवे की छवि धूमिल करने वाले ‘झूठे शिकायतकर्ताओं’ के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्णय लिया है।

क्या है पूरा मामला?
हाल ही में मंडीदीप रेलवे स्टेशन पर एक यात्री ने तत्काल टिकट काउंटर पर गड़बड़ी होने की एक झूठी शिकायत सोशल मीडिया पर वायरल की थी। यात्री का आरोप था कि काउंटर पर टिकट बुकिंग में अनियमितता बरती जा रही है। लेकिन जब भोपाल रेल प्रशासन ने इसकी गहराई से जांच की, तो सच कुछ और ही निकला।

रेलवे के सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया ने बताया कि जब सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले गए और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों से पूछताछ हुई, तो निम्नलिखित बातें सामने आईं:
यात्री तत्काल टिकट न मिलने की वजह से गुस्से में था और वह वहां मौजूद महिला कर्मचारी पर अनावश्यक दबाव बना रहा था।
जांच में पाया गया कि कर्मचारी नियम के अनुसार ही काम कर रही थी और टोकन रजिस्टर में भी सभी प्रविष्टियां सही पाई गईं।

रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के सामने पूछताछ के दौरान यात्री ने खुद स्वीकार किया कि उसने गुस्से में आकर यह भ्रामक वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर डाला था। बाद में उसने अपनी शिकायत वापस भी ले ली।
अब होगी कानूनी कार्रवाई
रेलवे प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए चेतावनी जारी की है:
डीआरएम पंकज त्यागी के निर्देश पर अब एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है ताकि रेलवे सेवाओं के बारे में भ्रामक और असत्य सूचनाएं फैलाने वालों पर अंकुश लगाया जा सके।
रेलवे का कहना है कि अब किसी भी यात्री की शिकायत अगर झूठी या केवल रेलवे को बदनाम करने के उद्देश्य से पाई गई, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रेलवे का उद्देश्य यात्रियों को सही और प्रामाणिक जानकारी उपलब्ध कराना है, न कि उन्हें डराना। लेकिन सिस्टम का गलत फायदा उठाने वालों को अब बख्शा नहीं जाएगा।