विधायक और नागरिकों के बीच फंसा मेट्रो प्रबंधन,मकान बचाएँ या कब्रिस्तान

khabar pradhan

संवाददाता

12 February 2026

अपडेटेड: 4:44 PM 0thGMT+0530


भोपाल में मेट्रो रेल परियोजना के दूसरे चरण की ऑरेंज लाइन का काम एक बार फिर विवादों में आ गया है। बड़ा बाग कब्रिस्तान और शाही औकाफ की जमीन को लेकर विधायक और नागरिकों के बीच मतभेद सामने आए हैं।

विधायक आरिफ अकील कब्रिस्तान को बचाने के लिए डिजाइन में बदलाव की मांग कर रहे हैं, जबकि मेट्रो प्रबंधन का कहना है कि वैकल्पिक रूट अपनाने पर करीब 35 से 36 निजी मकानों को तोड़ना पड़ेगा, जिसके लिए वहां के निवासी तैयार नहीं हैं।

बुधवार को यह मामला तब और गंभीर हो गया जब वक्फ बोर्ड के सदस्य हसन जैदी के नेतृत्व में एक दल ने शाही और बड़ा बाग कब्रिस्तान का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मेट्रो अधिकारियों ने रूट प्लान की जानकारी दी।

वक्फ बोर्ड ने मेट्रो कंपनी को निर्देश दिए हैं कि 15 फरवरी तक नया और वैकल्पिक रूट प्लान प्रस्तुत किया जाए। विधायक का सुझाव है कि ऐसा रास्ता चुना जाए जिससे किसी धार्मिक स्थल को नुकसान न पहुंचे।

फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर प्रशासन, मेट्रो प्रबंधन और संबंधित पक्षों के बीच बैठकों का दौर जारी है, लेकिन समाधान अभी तक नहीं निकल पाया है।

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