शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का धीरेंद्र शास्त्री पर तंज

khabar pradhan

संवाददाता

22 April 2025

अपडेटेड: 1:43 PM 0ndGMT+0530

हिंदू राष्ट्र के नारे से पीछे हटे, अब हिंदू गांव बनाने की बात, PM मोदी से मुलाकात पर उठाए सवाल

ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर तीखा तंज कसा है। उन्होंने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री पहले हिंदू राष्ट्र बनाने की बात करते थे, लेकिन अब हिंदू गांव बनाने की बात कर रहे हैं। शंकराचार्य ने सवाल उठाया कि क्या बागेश्वर धाम, जहां धीरेंद्र रहते हैं, वह हिंदू गांव नहीं है? उन्होंने यह भी पूछा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद धीरेंद्र के तेवर क्यों बदल गए। यह बयान शंकराचार्य ने जबलपुर में एक सभा के दौरान दिया, जिसने धार्मिक और राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है।
शंकराचार्य का बयान
शंकराचार्य ने कहा, “धीरेंद्र शास्त्री हिंदू राष्ट्र बनाने का नारा लेकर निकले थे। तब हमने उनका समर्थन किया था। लेकिन अब वह हिंदू गांव बनाने की बात कर रहे हैं। क्या बागेश्वर धाम हिंदू गांव नहीं है? यह नारा बदलने की वजह क्या है?” उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “पहले वह हाथी बनाने की बात करते थे, लेकिन अब चूहा बनाने लगे। पीएम मोदी से मुलाकात के बाद उनके तेवर क्यों ढीले पड़ गए?” शंकराचार्य ने धीरेंद्र के बदलते रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह हिंदू समाज के लिए भ्रम पैदा करने वाला है।
धीरेंद्र शास्त्री का हिंदू गांव प्रस्ताव
धीरेंद्र शास्त्री ने हाल ही में घोषणा की थी कि वह मध्य प्रदेश में एक ‘हिंदू गांव’ स्थापित करेंगे, जहां हिंदू संस्कृति और मूल्यों को बढ़ावा दिया जाएगा। उनके इस प्रस्ताव को कुछ लोगों ने हिंदू राष्ट्र की दिशा में एक छोटा कदम बताया, जबकि अन्य ने इसे उनके पहले के हिंदू राष्ट्र वाले बयान से पीछे हटने के रूप में देखा। धीरेंद्र ने अपने समर्थकों से कहा था कि यह गांव हिंदू एकता और आत्मनिर्भरता का प्रतीक होगा।
PM मोदी से मुलाकात का जिक्र
शंकराचार्य ने धीरेंद्र की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात का उल्लेख करते हुए सवाल उठाया कि क्या इस मुलाकात के बाद उनके विचारों में बदलाव आया है। हालांकि, धीरेंद्र और PM मोदी की मुलाकात का विवरण सार्वजनिक नहीं है, लेकिन यह मुलाकात 2024 में हुई थी, जिसके बाद धीरेंद्र के बयानों में कुछ नरमी देखी गई। शंकराचार्य ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा, “जो लोग हिंदू राष्ट्र की बात करते थे, वे अब छोटे-छोटे लक्ष्य क्यों बना रहे हैं? क्या कोई दबाव है?”
राजनीतिक और धार्मिक प्रतिक्रियाएं
शंकराचार्य के बयान ने धार्मिक और राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। बागेश्वर धाम के समर्थकों ने शंकराचार्य के बयान को अनुचित बताया। X पर एक यूजर ने लिखा, “धीरेंद्र शास्त्री हिंदू समाज के लिए काम कर रहे हैं। शंकराचार्य को उनका समर्थन करना चाहिए, न कि तंज कसना।” वहीं, कुछ यूजर्स ने शंकराचार्य का समर्थन करते हुए लिखा, “धीरेंद्र के बदलते रुख से सवाल उठना स्वाभाविक है। हिंदू राष्ट्र की बात छोड़कर गांव की बात क्यों?”
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर चुप्पी साध रखी है, लेकिन कुछ स्थानीय नेताओं ने इसे धार्मिक नेताओं के बीच मतभेद के रूप में देखा। BJP के एक नेता ने अनौपचारिक बातचीत में कहा कि धीरेंद्र का हिंदू गांव प्रस्ताव सकारात्मक कदम है और इसे राजनीतिक रंग नहीं देना चाहिए।
सोशल मीडिया पर बहस
X पर इस मुद्दे ने तीखी बहस छेड़ दी है। धीरेंद्र शास्त्री के समर्थकों ने उनके हिंदू गांव प्रस्ताव को व्यावहारिक और प्रेरणादायक बताया, जबकि शंकराचार्य के समर्थकों ने धीरेंद्र के बदलते रुख पर सवाल उठाए। एक यूजर ने लिखा, “शंकराचार्य ने सही कहा। धीरेंद्र पहले बड़े-बड़े दावे करते थे, अब क्यों पीछे हट रहे हैं?” दूसरी ओर, एक अन्य यूजर ने टिप्पणी की, “हिंदू गांव बनाना भी हिंदू राष्ट्र की दिशा में कदम है। शंकराचार्य को धीरेंद्र का साथ देना चाहिए।”
धीरेंद्र शास्त्री का जवाब
धीरेंद्र शास्त्री ने अभी तक शंकराचार्य के बयान पर कोई प्रत्यक्ष प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालांकि, उनके करीबी सूत्रों का कहना है कि वह जल्द ही इस मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट करेंगे। बागेश्वर धाम के एक प्रवक्ता ने कहा, “धीरेंद्र शास्त्री का मकसद हिंदू समाज को एकजुट करना है। हिंदू गांव का प्रस्ताव इसी दिशा में एक कदम है।”
पृष्ठभूमि और संदर्भ
धीरेंद्र शास्त्री पिछले कुछ वर्षों में अपने हिंदू राष्ट्र वाले बयानों और चमत्कारिक दावों के कारण चर्चा में रहे हैं। उनकी लोकप्रियता, खासकर युवाओं में, तेजी से बढ़ी है। दूसरी ओर, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद हिंदू धर्म के पारंपरिक मूल्यों और सनातन संस्कृति के प्रचार के लिए जाने जाते हैं। दोनों के बीच यह मतभेद पहली बार खुलकर सामने आया है, जिसने हिंदू समाज में एक नई बहस को जन्म दिया है।
आगे की दिशा
शंकराचार्य के इस बयान ने धीरेंद्र शास्त्री के हिंदू गांव प्रस्ताव पर नया विवाद खड़ा कर दिया है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि धीरेंद्र इस तंज का जवाब कैसे देते हैं और क्या वह अपने हिंदू राष्ट्र वाले पुराने रुख पर वापस लौटते हैं। साथ ही, इस विवाद का हिंदू समाज और बिहार-मध्य प्रदेश की धार्मिक सियासत पर क्या प्रभाव पड़ता है, यह भी भविष्य में स्पष्ट होगा।

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