शंकराचार्य विवाद में राजनीति:आप और सपा आये शंकराचार्य के  समर्थन में:

khabar pradhan

संवाददाता

24 January 2026

अपडेटेड: 4:03 PM 0thGMT+0530

शंकराचार्य विवाद में राजनीति:आप और सपा आये शंकराचार्य के  समर्थन में:

प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य विवाद में राजनेता अपनी सियासत चमकाने में बिजी हो गये हैं। देश के सारे मुद्दे एक तरफ और ये मुद्दा एक तरफ ,ये वही प्रयागराज है …वही गंगा का तीर है जहां महाकुंभ के दौरान सभी विपक्षी दलों ने खूब सियासत की थी….अब माघ मेले में जहां साधुसंतों का और कल्पवासियों का जमावड़ा है वहां अब राजनेता भी पहुंच रहे हैं। इसी में अब आम आदमी पार्टी की एंट्री हो गई है। आम आदमी पार्टी से राज्यसभा सांसद सांसद संजय सिंह ने शुक्रवार को प्रयागराज पहुंच कर अनशन पर बैठे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से मुलाकात की. संजय सिंह ने अविमुक्तेश्वरानंद का समर्थन किया ।‌उन्होंने कहा अविमुक्तेश्वरानंद महाराज के साथ घोर अन्याय हो रहा है … उनके शिष्यों को पीटा गया जो लोग आज तक अपनी डिग्री नहीं दिखा पाए, वही लोग स्वामी जी से शंकराचार्य होने का प्रमाण मांग रहे हैं।

स्वामी जी का अपमान हिंदू धर्म की आस्था पर सीधी चोट है.संजय सिंह ने कहा कि शंकराचार्य सत्ता से सवाल पूछते हैं इसलिये इनके साथ ऐसा किया जा रहा है। आम आदमी पार्टी का कहना है कि प्रशासन से बहुत बड़ा अपराध हो गया है। और अब उनकी मांग है कि सीएम योगी कुद आय़ें और शंकराचार्य से माफी मांगे. शंकराचार्य से नोटिस मांगे जाने को लेकर भी संजय सिंह ने सीएम योगी पर सवाल उठाये ये कहकर कि ये सवाल करने का अधिकार किसी को नहीं है।

हम पहले से भी शंकराचार्य के साथ जुड़े रहे हैं, इनके मुहिम में भी शामिल होते रहे हैं।  आप नेता से पहले समाजवादी पार्टी ने भी अविमुक्तेश्वरानंद का समर्थन किया था। यहां तक की पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने उनसे फोन पर बात भी की थी और राज्य सरकार पर निशाना भी साधा था। इसके पहले समाजवादी पार्टी भी इनके साथ खड़ी दिखाई दी। अखिलेश यादव ने कहा था कि एक संत और शंकराचार्य के साथ इस तरह का व्यवहार ठीक नहीं है. पुलिस की ओर से उनके साथ ज्यादती की गई है जो कि एक संत के साथ नहीं होना चाहिए। .दूसरी ओर से सरकार की ओर से डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य पूज्य शंकराचार्य जी के चरणों में अपना प्रणाम भेजा और निवेदन किया वहो सारे विरोध त्याग कर अच्छे से स्नान करें।

इस विषय को यहीं पर खत्म करें….अब समझने वाली बात ये है कि बीजेपी की सभी विरोधी पार्टियां शंकराचार्य के साथ मुलाकात कर रहीं हैं,उनका समर्थन कर रहीं हैं। तो इस पूरे मुद्दे पर राजनीति हावी होती जा रही है। जो लोग श्रीराम के अस्तित्व को नकारते रहे। धर्मध्वजा का विरोध करते रहे । मनुस्मृति की प्रतियां जलाने पर चुप रहे आज वो अचानक सनातन के साथ खड़े जर आ रहे हैं…

तो …. अब आप इसे लेकर क्या सोचते हैं क्या वाकई आप के नेता सपा के नेता जैसे विरोधियों के भीतर सनातन जाग गया है….जो सनातन की पैरवी कर रहे हैं…या फिर इस बहाने अपनी अपनी राजनीति चमकाने पहुंच रहे हैं….और शंकराचार्य का समर्थन कर रहे हैं

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