शहर की पाश कॉलोनी चिनार ग्रीन सिटी की  लिफ्ट में लापरवाही –बुजुर्ग की मौत :

khabar pradhan

संवाददाता

19 January 2026

अपडेटेड: 9:42 PM 0thGMT+0530




भोपाल की पाॅश कॉलोनी चिनार ग्रीन सिटी की लिफ्ट में बुजुर्ग की मौत के मामले में समिति प्रबंधन के साथ मेंटेनेंस सिस्टम और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।  मिसरोद थाना क्षेत्र स्थित समिति के डी ब्लॉक में 77 वर्षीय प्रीतम गिरी की मौत गिफ्ट में फंसकर हो गई । जो लंबे समय से चल रही लापरवाही का नतीजा है।
6 जनवरी को प्रीतम गिरी दोपहर के समय घर से बाहर निकले, किंतु वापस नहीं लौटे । परिजनों ने उसी दिन उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई । किंतु उसके बाद भी पुलिस ने मौके पर जाकर जांच करने की जरूरत नहीं समझी । आरोप लगाए जा रहे हैं कि परिजन लगातार थाने बुलाए जाते रहे ,लेकिन समिति और लिफ्ट की जांच 11 दिनों तक भी नहीं की गई।

16 जनवरी को जब लिफ्ट की डक्ट से शव बरामद हुआ, तब तक हालत बेहद खराब हो चुकी थी । शव सड़ चुका था । लिफ्ट खुलते ही देखा गया कि मृतक के दोनों पैर चेहरे से चिपके हुए थे । इससे यह आशंका जताई जा रही है कि हादसे के बाद उन्होंने खुद को बचाने की कोशिश की थी।‌ लेकिन बार-बार लिफ्ट के चलने से शरीर पर दबाव पड़ता गया । डॉक्टर का कहना है कि सिर और पैरों में गंभीर चोट के कारण उनकी मौत हुई।

77 वर्षीय बुजुर्ग प्रीतम गिरी के बेटे मनोज गिरी और वहां के रहवासियों का कहना है कि समिति के कुल 11 ब्लॉक में लगी सभी लिफ्ट 6 महीनों से खराब हालत में है । कई बार शिकायत के बावजूद भी उनकी मरम्मत नहीं कराई गई । और ना ही जरूरी सुरक्षा इंतजाम किए गए।  लिफ्ट में बल्ब भी नहीं लगे ,अलार्म और इमरजेंसी बटन जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं है । इसके बावजूद हर महीने मेंटेनेंस चार्ज वसूला जाता है।
सोसाइटी में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं लेकिन वह किसी काम के नहीं है।  परिजनों का कहना है कि करीब 5 साल से कैमरे बंद पड़े हैं । तीसरी मंजिल पर जहां यह हादसा हुआ ,वहां भी निगरानी व्यवस्था पूरी तरह नाकाम है।  यदि कैमरे चालू होते तो समय रहते घटना का पता चल सकता था।  इससे पहले भी भोपाल में गिफ्ट से जुड़े कई हादसे हो चुके हैं।

टिप्पणियां (0)