शहीद लेफ्टिनेंट नरवाल की पत्नी की मार्मिक अपील, शांति और न्याय की मांग
संवाददाता
1 May 2025
अपडेटेड: 3:39 PM 0stGMT+0530
कश्मीरियों-मुस्लिमों के खिलाफ नफरत न फैलाएं
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में शहीद हुए भारतीय नौसेना के लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की पत्नी हिमांशी नरवाल ने देशवासियों से मार्मिक अपील की है। उन्होंने कहा कि इस दुखद घटना का इस्तेमाल कश्मीरियों या मुस्लिम समुदाय के खिलाफ नफरत फैलाने के लिए नहीं करना चाहिए। हिमांशी ने कहा, “हम नहीं चाहते कि लोग मुसलमानों या कश्मीरियों के खिलाफ जाएं। हम शांति चाहते हैं और केवल शांति। हां, हम न्याय चाहते हैं। जिन्होंने मेरे पति और अन्य लोगों की जान ली, उन्हें सजा मिलनी चाहिए।”यह दिल दहला देने वाला हमला तब हुआ जब लेफ्टिनेंट विनय और हिमांशी अपनी शादी के महज छह दिन बाद हनीमून के लिए पहलगाम गए थे। आतंकियों ने लेफ्टिनेंट नरवाल को निशाना बनाया और उनकी पत्नी के सामने उनकी हत्या कर दी। हिमांशी ने बताया कि आतंकियों ने उनके पति को गोली मारने से पहले उनकी पहचान की जांच की थी। इस दर्दनाक घटना के बावजूद हिमांशी ने संयम और समझदारी का परिचय देते हुए समाज में एकता और शांति बनाए रखने की अपील की है।हिमांशी की यह अपील सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा की जा रही है, जहां लोग उनकी हिम्मत और संदेश की सराहना कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी लड़ाई आतंकवाद के खिलाफ है, न कि किसी समुदाय या धर्म के खिलाफ। उन्होंने देशवासियों से अपील की कि इस घटना को सांप्रदायिक रंग न दिया जाए और आतंकवादियों को उनके अपराध की सजा देने पर ध्यान केंद्रित किया जाए।यह घटना जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ चल रही लड़ाई की जटिलता को दर्शाती है। हिमांशी का संदेश न केवल शांति और एकता का प्रतीक है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि दुख की इस घड़ी में भी मानवता और समझदारी को बनाए रखना कितना महत्वपूर्ण है। उनकी अपील से यह स्पष्ट है कि वह चाहती हैं कि उनके पति के बलिदान को सही मायनों में सम्मान मिले, जिसके लिए समाज में नफरत के बजाय शांति और न्याय को बढ़ावा देना जरूरी है।