सरकार ने पेट्रोल डीजल पर टैक्स घटाया– कंपनियों को दी राहत :आम लोगों के लिए दाम वही:
संवाददाता
28 March 2026
अपडेटेड: 4:30 PM 0thGMT+0530
28 मार्च 2026
नई दिल्ली /
ईरान युद्ध के बीच भारत का मास्टर स्कोप पेट्रोल डीजल पर राहत का ऐलान:
ईरान-अमरीका युद्ध के कारण तेल की वैक्षिक कीमतों में 50% वृद्धि के बावजूद केंद्र सरकार ने फिलहाल पेट्रोल-डीजल महंगा करने का सीधा बोझ आम लोगों पर नहीं डाला है। पेट्रोलियम कंपनियों को बड़ी कीमतों से लागत में भरपाई के लिए राहत देते हुए केंद्र ने पेट्रोल-डीजल पर विशेष अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी प्रति लीटर 10-10 रुपए घटा दी।
पेट्रोल पर ड्यूटी 13 रुपए से घटाकर 3 रुपए और डीजल पर 10 रुपए से जीरो कर दी है। इससे सरकार को 15 दिन में 7000 करोड़ टैक्स का नुकसान होगा। आम जनता के लिए कीमतें यथावत रहेंगी।
सरकार को हो सकता है डेढ़ लाख करोड़ की टैक्स हानि:
सरकार को इस कदम से सालाना डेढ़ लाख करोड़ की टैक्स हानि हो सकती है। केंद्र सरकार के अंतरमंत्रालयी समूह ने कहा, हर 15 दिन में दामों की समीक्षा होगी। सरकार ने दोहराया कि देश में पेट्रोल, डीजल, गैस की कमी नहीं है। सरकार ने लॉकडाउन की अफवाहों को खारिज किया। लोगों से पेट्रोल-डीजल-एलपीजी की पैनिक खरीद न करने की अपील की। सरकार ने डीजल निर्यात पर 21.50 रुपए और विमान ईंधन (एटीएफ) के निर्यात पर 29.50 रुपए/लीटर शुल्क लगाया। रिफाइनरियों को निर्देश दिया, निर्यात होने वाले पेट्रोल का 50%, डीजल का 30% घरेलू बाजार में सप्लाई करें।
कंपनियों को ₹30 तक घाटा:
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने बताया कि वैश्विक कीमत बढ़ने से कंपनियां पेट्रोल पर कारी 24 रुपए और डीजल पर करीब 30 रुपए प्रति लीटर का नुकसान उठा रही है उन्होंने कहां कहां की तेल की वैश्विक कीमत करीब $70 से बढ़कर 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने से दक्षिण पूर्व एशियाई देशों में पेट्रोल डीजल की कीमतों में 30 से 50% तक उत्तरी अमेरिका देश में 30% तक यूरोप में 20% और अफ्रीकी देशों में 50% तक बढ़ गये हैं।
कमर्शियल सिलेंडर का कोटा 70% तक बढ़ाया:
पेट्रोलियम मंत्रालय ने शुक्रवार को कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति 50 से बढ़ाकर 70% (युद्ध पूर्व स्थिति की तुलना में) कर दी। राज्य सरकारों के जरिये बेचे जा रहे कोटे में बढ़ाए 20% सिलेंडर प्राथमिकता से इस्पात, ऑटोमोबाइल, वस्त्र, रंगाई, रसायन और प्लास्टिक जैसे श्रम-प्रधान उद्योगों को दिए जाएंगे।
पीएम ने की मुख्यमंत्रियों से चर्चा:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार शाम युद्ध के असर का मुकाबला करने की रणनीति पर राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठक की। इसमें हालात का ‘टीम इंडिया’ की भावना के साथ मिलकर मुकाबला करने और लोगों को कम से कम परेशानियों पर चर्चा हुई। मोदी बोले-सरकार की प्राथमिकता आर्थिक स्थिरता, ऊर्जा सुरक्षा, उद्योग व आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत रखने की है। जमाखोरी व मुनाफाखोरी पर कार्रवाई करें। कृषि क्षेत्र में अग्रिम तैयारी रखें।