सरकारी खजाने में लगाई बड़ी सेंध- भोपाल कलेक्टर के फर्जी साइन से हुआ बड़ा खेल,:
संवाददाता
26 March 2026
अपडेटेड: 7:01 PM 0thGMT+0530
26 मार्च 2026:
मध्य प्रदेश /भोपाल/
फर्जी चेक से करोड़ों का घोटाला:
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक ऐसा मामला सामने आया है। जिसनें प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी है। दरअसल कलेक्टर और डिप्टी कलेक्टर के फर्जी हस्ताक्षर के जरिए करोड़ो रुपए पार करने का मामला सामने आया है। क्राइम ब्रांच ने इस मामले में 5 फर्मों के खिलाफ FIR दर्ज की है।
ये पूरा मामला जिला शहरी विकास अभिकरण यानि DUDA डूडा के बैंक खाते से जुड़ा है। जालसाजों ने bank of india की सैफिया काॅलेज शाखा में सेंधमारी की। और बेहद शातिर तरीके से भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह और डिप्टी कलेक्टर निधि चौकसे के फर्जी हस्ताक्षर करके सरकारी फंड पर हाथ साफ कर दिया।
ठगी की वारदात की गई बेहद शातिर तरीके से:
कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह और डिप्टी कलेक्टर निधि चौकसे के फर्जी हस्ताक्षर करके जिला शहरी अभिकरण भोपाल के पांच चेक लगाकर 2 करोड़ 26 लाख 71 हजार पश्चिम बंगाल के खाते में ट्रांसफर हुए हैं। जिसमें से 20 लाख होल्ड करा दिए हैं। जी खाते के चेक लगाकर राशि ट्रांसफर की गई है उसे वर्ष 2017 से कोई ट्रांजैक्शन नहीं हुआ खाते में 8 करोड़ जमा है डूडा ने 2018 में चेक बुक इशू कराई थी।
क्राइम ब्रांच में डिप्टी कलेक्टर निधि चौक से की शिकायत पर दौड़ा भोपाल के खाते से 2.26 करोड़ रुपए की ठगी का मामला दर्ज किया 9 मार्च 2026 को बैंक आफ इंडिया के सैफियां कॉलेज शाखा स्थित खाते से पांच चेक के जरिए यह रकम विभिन्न खातों में ट्रांसफर की गई। चेक पर कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह और डिप्टी कलेक्टर की फर्जी हस्ताक्षर हुए थे ठगों ने कलेक्टर के लेटर हेड पर अंग्रेजी में फर्जी आवेदक भेज कर खाते में मोबाइल नंबर और ईमेल भी अपडेट कर लिया था। जबकि कलेक्टर का पत्राचार हिंदी में होता है। जांच में लिंक ,मोबाइल नंबर ,मुरैना नगर निगम कमिश्नर का निकला, जो नंबर बंद पाया गया।
ठगी की इस वारदात को बेहद योजनाबद्ध तरीके से किया गया। आरोपियों ने पांच अलग-अलग चेक बैंक में दिए। इन चेकों के माध्यम से कुल 2 करोड़ 26 लाख 71 हजार रुपए की भारी भरकम राशि सरकारी खाते से निकाल ली गई। इस पूरी वारदात में मोबाइल नंबर पहले ही बदल दिए गए थे जिससे लेनदेन के अलर्ट असली अधिकारियों तक नहीं पहुंच सके। जब खुलासा हुआ तो क्राइम ब्रांच में इसकी लिखित शिकायत दर्ज कराई गई। जांच में जिन चेकों का इस्तेमाल हुआ उन पर साइन पूरी तरह से फर्जी पाए गए। अब सरकारी मशीनरी इस बात की जांच कर रही है कि बैंक स्तर पर कितनी बड़ी चूक कैसे हुई। क्राइम ब्रांच ने शुरुआती जांच में जिन फर्मो के नाम सामने आए हैं जिनके खाते में पैसा ट्रांसफर किया गया है वह नाम है–
NS इंटरप्राइजेज,
ब्लैक आई ,
राजकुमार एंटरप्राइजेज,
दास एंटरप्राइजेज और
मनी एंटरप्राइजेज।
क्राइम ब्रांच की पुलिस अब इन संचालकों की जानकारी खंगाल रही है।