हाईकोर्ट ने कहा – किसी भी जगह नमाज पढ़ना धार्मिक अधिकार नहीं

khabar pradhan

संवाददाता

6 March 2026

अपडेटेड: 4:39 PM 0thGMT+0530

हाईकोर्ट ने कहा – किसी भी जगह नमाज पढ़ना धार्मिक अधिकार नहीं

P6 मार्च 2026
मुंबई। बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक अहम टिप्पणी करते हुए कहा है कि एयरपोर्ट के पास या किसी भी सार्वजनिक स्थान पर नमाज पढ़ना धार्मिक अधिकार नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता।

एयरपोर्ट सुरक्षा को नहीं किया जा सकता नजरअंदाज

यह मामला उस याचिका से जुड़ा है जिसमें टैक्सी और ऑटो चालकों ने एयरपोर्ट के पास नमाज पढ़ने की अनुमति मांगी थी। उनका कहना था कि वे लंबे समय तक काम करते हैं, इसलिए नमाज के लिए जगह की जरूरत होती है। हालांकि कोर्ट ने इस मांग को स्वीकार नहीं किया।

हर जगह धार्मिक गतिविधि का अधिकार नही

हाईकोर्ट ने कहा कि नमाज पढ़ना धार्मिक आस्था का हिस्सा है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि इसे किसी भी सार्वजनिक स्थान या संवेदनशील क्षेत्र में किया जा सके। खासकर एयरपोर्ट जैसे स्थानों पर सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता होती हैl

कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि धर्म महत्वपूर्ण है, लेकिन कानून और सार्वजनिक सुरक्षा उससे भी अधिक अहम हैं। इसलिए ऐसे संवेदनशील इलाकों में धार्मिक गतिविधियों की अनुमति देने से पहले सुरक्षा पहलुओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

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