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27 मई 2026

नई दिल्ली:
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने की बड़ी घोषणा, जस्टिस नावलेकर संभालेंगे कमेटी की कमान, अमित शाह बोले- यह देश की सुरक्षा और संप्रभुता से जुड़ा गंभीर मामला।

देश में अवैध घुसपैठ, सीमावर्ती इलाकों में बदलती आबादी और सामाजिक असंतुलन को लेकर केंद्र सरकार ने अब एक बेहद निर्णायक कदम उठाया है। सरकार ने इन असामान्य जनसांख्यिकीय बदलावों (डेमोग्राफिक चेंज) के गहराई से अध्ययन और उसके प्रभावों का आकलन करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति (हाई-लेवल कमेटी) का गठन कर दिया है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसकी घोषणा करते हुए साफ शब्दों में कहा कि यह सिर्फ जनसंख्या का मामला नहीं है, बल्कि यह हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा, सामाजिक संरचना और देश की संप्रभुता से जुड़ा एक बेहद गंभीर प्रश्न है। इस पूरे मिशन की नींव पिछले साल 15 अगस्त 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस भाषण में रखी गई थी, जब उन्होंने लाल किले की प्राचीर से ‘हाई पावर्ड डेमोग्राफी मिशन’ शुरू करने का ऐलान किया था। उस समय प्रधानमंत्री ने चेतावनी दी थी कि एक सुनियोजित तरीके से देश की डेमोग्राफी बदली जा रही है, जिसके दूरगामी परिणाम देश को भुगतने पड़ सकते हैं। अब सरकार ने इस पर अमल करते हुए कमेटी बना दी है।
जस्टिस नावलेकर के हाथों में होगी कमान
सरकार द्वारा गठित की गई इस खास समिति की कमान जस्टिस प्रकाश प्रभाकर नावलेकर (जस्टिस पीपी नावलेकर) के हाथों में सौंपी गई है। अनुभव वाले विशेषज्ञों की इस टीम में उनके साथ कई दिग्गज चेहरे शामिल किए गए हैं, जिनमें
समिति के अध्यक्ष: जस्टिस प्रकाश प्रभाकर नावलेकर
सदस्य: देश के जनगणना आयुक्त
सदस्य: पूर्व आईएएस अधिकारी दुर्गा शंकर मिश्रा
सदस्य: रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी बालाजी श्रीवास्तव
सदस्य: मशहूर अर्थशास्त्री डॉ. शमिका रवि
इनके अलावा गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव इस समिति के सदस्य सचिव के रूप में अपनी भूमिका निभाएंगे। सरकार का मानना है कि अनुभव वाले इन विशेषज्ञों की टीम जनसांख्यिकीय परिवर्तनों पर एक बेहतरीन और सटीक अध्ययन करके रिपोर्ट सौंपेगी।


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