इन वास्तु उपायों से घर में बढ़ायें सकारात्मकता….

khabar pradhan

संवाददाता

21 May 2025

अपडेटेड: 12:48 PM 0stGMT+0530

इन वास्तु उपायों से घर में बढ़ायें सकारात्मकता….

इन वास्तु उपायों से घर में बढ़ायें सकारात्मकता :


वर्तमान के जटिल परिदृश्य में, हमें उन विभिन्न कारणों का विश्लेषण करने का समय हीं मिलता है जो हमारे स्वास्थ्य, धन या रिश्तों में विफलता की वजह होते हैं। इनमें से ज्यादातर समस्याएं प्रमुख वास्तु और फेंगशुई से सम्बंधित होती हैं। अपने घर की दिशाओं का पता लगाने के लिए एक कम्पास को अपने हाथ में लेकर हमेशा अपने घर के केंद्र में खड़े होना चाहिए
ऑनलाइन कंपास भी इस्तेमाल कर सकते हैं इससे घर की सही दिशाएं पता चलती है।

1..घर का मुख्य द्वार आपके घर का मुख होता है जो घर में ऊर्जा लाता है। उस संपत्ति को खरीदने से बचें । जिसका द्वार दक्षिण-पश्चिम में खुलता है, क्योंकि यह बुरी ऊर्जा का प्रवेश द्वार होता है और यह संघर्ष और दुर्भाग्य लाती है। यदि आपका घर इन्हीं में से एक है तो दरवाजे के बाहर दो हनुमानजी’ के चित्र वाले टाइल्स लगाइए और फर्क देखिए।

2..घर में अच्छे स्थान का पता लगाइए:

अपने घर की दिशाओं का पता लगाने के लिए एक कम्पास को अपने हाथ में लेकर हमेशा अपने घर के केंद्र में खड़े होना चाहिए। घर का मुख्य द्वार आपके घर का मुख होत है जो घर में ऊर्जा लाता है। उस संपत्ति को खरीदने से बचें जिसका द्वार दक्षिण-पश्चिम में खुलता है, क्योंकि यह बुरी ऊर्जा का प्रवेश द्वार होता है जो संघर्ष और दुर्भाग्य लाती है। यदि आपका घर इन्हीं में से एक है तो दरवाजे के बाहर दो ‘हनुमानजी’ के चित्र वाले टाइल्स जलता रहे। लगाइए और फर्क देखिए।

3…मंदिर या वेदी

मंदिर या वेदी सभी वास्तु नियमों का राजा है इसे पूर्वोत्तर में स्थापित कीजिए, इस जगह पर हर खुशी बरसने लगेगी। प्रार्थना के वक्त आपका मुख पूर्व की तरफ होना चाहिए।

4..रसोईघर

रसोईघर समृद्धि का प्रतीक होता है और आदर्श रूप से दक्षिण पूर्व में बनाया जाना चाहिए। उत्तर और उत्तर-पूर्व में स्थित रसोईघर आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ पैदा करता है। इस स्थिति में रसोई के छत से कांस्य के तीन कटोरे उल्टे लटकाए जाने चाहिए, परन्तु स्टोव के ऊपर नहीं।

5..मास्टर बेडरूम

मास्टर बेडरूम स्थिरता के द्वार में प्रवेश करने की महत्वपूर्ण इकाई है और इसे दक्षिण पश्चिम में होना चाहिए। सोते वक्त आपका सर दक्षिण में या पश्चिम में होना चाहिए। घर के कमाने वाले सदस्य को कभी भी उत्तर-पूर्व दिशा में नहीं सोना चाहिए।

6..बाथरूम और शौचालय:

बाथरूम और शौचालय् पश्चिम या दक्षिण में अच्छे होते हैं जिनमें ‘नरक’ की ऊर्जा का वास होता है। लेकिन इन्हें कभी भी उत्तर और पूर्वोत्तर नहीं होना चाहिए अन्यथा ये आर्थिक, स्वास्थ्य और शिक्षा संबंधी समस्याएँ पैदा करते हैं।

7..घर का केंद्र

आपके घर का केंद्र घर की नाक होता है जहां से आपका घर सांस लेता है। यह खुला होना चाहिए और यहाँ अनावश्यक चीज नहा होनी चाहिए। केंद्र में स्थित दीवार पेट और आर्थिक समस्याओं को जन्म देती है, अतः इस दीवार पर नीले रंग का जीरो वॉट का एक बल्ब लगा देना चाहिए जो चौबीस घंटे जलता रहे।

8..घर में दरार या कटाव:

घर की किसी भी दिशा में दरार या कटाव उस घर को शक्तिहीन बना देता है, मुख्यतः दक्षिण पश्चिम, उत्तर, उत्तर पूर्व और दक्षिण पूर्व में दरारें, गंभीर समस्याओं को जन्म देती कटाव और उनके राज और रहस्य हैं। इलाज के बारे में कईराज और रहस्य हैं।

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